एक संदेस सद्गुरु का श्रेष्ठ ब्रह्मर्षि परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी
॥ ऊं परम तत्वाय नारायणाय गुरुभ्यो नमः ॥
ये समय संक्रमण काल है ...सभी गुरु मंत्र का जाप १,और ११ माला जरुर करे आपने देश के लिए न्याय के लिए .... संक्रमण काल मैं कोई आप की हेल्प नहीं कर सकता है न कोई देवी और न देवता ..
ये गुरु मंत्र इतना शक्ति शाली है की इस का मुकाबला कोई नहीं कर सकता है ......समस्त सिद्धाश्रम और गुरु की चेतना का आधार है | ये मंत्र आप कभी भी कर सकते है ..पूजा के समय और मानसिक जाप किया जा सकता है|
अगर आप की कोई हेल्प कर सकता है तो सदगुरुदेव ......और सिद्धाश्रम मैं रहने वाले आप के पूर्वज गुरु ...
हम ने जिसे गुरु माना उन के पास वो ज्ञान नहीं था जिस से हम पूर्वज गुरु की साधना कर शक्तिशाली बनते| ...पूर्वज गुरु आपनी संतान की रक्षा के लिए समय समय पर सद्गुरु को आप के पास भेजते रहे ..हम उन पाखंड रचने वाले गुरु को ही सब कुछ मान कर सब कुच्छ गवा दिया | हम ने न तो उन की तलश की न ही उन को समय रहते पहचान कर उन से सिख पाए ........आज इस देश मैं गुरु बनने वाले तो लाखो है ..जिन के पास ज्ञान हो चेतना हो एक दो से जादा नहीं मिलेगे ..पर होश कब आएगा की समय पर उन की पहचान कर उस ज्ञान को आत्मसत कर सके | अधर्म का विनाश कर सके ..रक्षास रूपी मनुष्य को समाप्त कर सके..
आज हर जगह अत्याचार हो रहा लुटा जा रहा है छल किया जा रहा है उसे हम देखते तो है आप के साथ भी हूया पर आप मोन बने रहे ..सिसकते रहे कोई आये जो इसे बदल दे .चमकार हो जाये उस की आस करते रहे ..क्या हूया कोई नहीं आया ...मन मैं टीस आती रही पर हम कुछ नहीं कर सके पर हमरी अज्ञानता ने धोखा दिया उसे सहते गए .........क्या आप यु ही रोज घुट घुट कर जीते रहेगे ..यु रोज मरते रहेगे..कोई कोई सद्गुरु रूपी कृष्णा शंकराचार्य, निखिलेश्वरानंद,इसे कितने है जो आयेगे ?..और एस अधर्म का नाश करेगा ..
सद्गुरु आवाज देते रहे ..भूलते रहे ...पर बहुत काम लोग ही उन की बाते सुन सके जिन्होंने उन बात सुनी कुच्छ ही शिष्य बन पाए .जो लालची थे आपनी ढोंग की रक्षा के लिए उन की आलोचना करने लगे उन को मरने पर मजबूर कर दिया |
आज समय चीख कर कह रहा की सद्गगुरु के ज्ञान को हम आत्मसात कर सके ,,इस अधर्म का नाश कर सके
सिद्धाश्रम जिसका कार्य हैं : अखिल ब्रह्माण्ड में धर्म की स्थापना...
धर्म क्या है? धर्म का अर्थ है उच्च विचार जिस से हम मनुष्य से देवता बन सके ...
जिसे ज्ञानगंज के नाम से जाना जाता हैं...
इसी उद्देश्य हेतु यह परिवार और उसके सभी सदस्य (गुरु और शिष्य) उस युग को जो अद्वितीय और ऋषियों का होगा, उसे पृथ्वी पर लाने का कार्य कर रहे हैं... गुरुदेव जी सिद्धाश्रम के उद्देश्य को पूर्ण कर रहे हैं.
हमें गर्व हैं कि हम अब तक के श्रेष्ठ ब्रह्मर्षि परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी महाराज के श्रीचरणों से जुड सकें और एक अद्वितीय चिंतन और विचारधारा को प्राप्त कर सकें... जो पूर्णता और सिद्धाश्रम को जाता हैं...
इस ज्ञान, विज्ञान और खुशहाली को इस धरा पर उतर सके |हम इस गुलामी की जंज़ीरो को तोड़ कर मुक्त बन सके
आप सभी अनुरोध है की आप सद्गुरु के ज्ञान को जन जन तक ले जाये खुद शक्ति शाली बने और दुसरो को भी इस ज्ञान को परदान कर गुरु में लीन हो सके | अरबो की जनसँख्या है अगर हर कोई १ माला ११ माला जाप करेगा प्रतिदिन अगर इतना जाप हूया तो वो गुरु आप कभी गुलाम नहीं होने देगे | आने वाली पीडी आप को याद कर सके की कोई था मेरे परिवार मैं ..जो इस ज्ञान को हमें दे सका | और इतिहास बन सके आने वाले कल के लिए
Mantra Tantra Yantra Vigyan Gurudev Dr. Narayan Dutt Shrimaliji
हिरेन्द्र प्रताप सिंह