#महाविपरीत_प्रत्यंगिरा मंत्र व स्तोत्र● शत्रु की की प्रबलतम क्रियाओं को निष्फल करने के साथ ही ग्रह, नक्षत्र, देवता, यक्ष, गंधर्व एवं राक्षसी वृत्ति से भी मुकाबले के लिए विपरीत प्रत्यंगिरा और महाविपरीत प्रत्यंगिरा अत्यंत सफल और कारगर होता है। इसका प्रयोग निष्फल नहीं जाता। इसकी साधना करने वालों को दुनिया में किसी का डर नहीं रह जाता है। ...
छिन्नमस्ता साधना छिन्नमस्ता मंत्र साधना एवं सिद्धि दस महाविद्याओं में छिन्नमस्ता साधना को सर्वाधिक प्रमुखता दी गई है। ये दस महाविद्या साधनायें हैं- महाकाली, तारा, त्रिपुर सुन्दरी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला और छिन्नमस्ता महादेवी। चित्रों में यदि छिन्नमस्ता को देखा जाये तो उसका अत्यन्त भयानक रूप दिखाई देता है, नृत्य करती हुई देवी जिसके एक हाथ में खड्ग और दूसरे हाथ में तलवार है, जिसका कटा हुआ सिर त...
Summary ↬ Attract Deities with Devi Devta Aakarshan Mantra. The mantra was first used by Guru Gorakhnath and is a very powerful mantra. The Sammohan Mantra is used to attract deities, officials, enemies, husbands or wife or any person in the world. Attract Deities with Devi Devta Aakarshan Mantra. The mantra was revealed by Gurudev Narayan Dutt Shrimali in one of his pravachan. Gurudev told various benefits of this vashikaran mantra. The mantra is also known as the Karya siddhi mantra. Any sadhak can accomplish his tasks easily with the help of this mantra. The mantra has the beej mantra of Maya, Saraswati, and Sammohan. With the siddhi of this mantra, the sadhak gets a wonderful personality and an aura to accomplish every task. The Sammohan Mantra is used to attract deities, officials, enemies, husbands or wife or any person in the world. This mantra is also used for a Magnetizing personality & vigor. The mantra was first used by Guru Gorakhnath and is a very powerful mantra. One mala of this mantra should be chanted before doing any sadhana like apsara sadhana or any deity-related sadhana. How To Use The Devi Devta Vashikaran Mantra Start from any day. Place a mirror in front of you. Worship your Guru & Isht before chanting the mantra. Chant 1 mala of this mantra daily with Energized Sammohan Mala, focusing on your reflection in the mirror. Do the mantra daily and feel the difference in a few days. Whenever needed, take the “Sankalp” in your mind and chant the mantra 11 mala or 108 times. ...
*सम्मोहन और वशीकरण प्रयोग* के संबंध में Sadgurudev Narayan Dutt Shrimali Ji द्वारा बताई गई विधियाँ तंत्र और साधना से जुड़ी होती हैं। वे इन प्रयोगों को सिद्ध करने के लिए विशेष साधनाओं, मंत्रों, और यंत्रों का प्रयोग करने का सुझाव देते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये विधियाँ केवल विशेष परिस्थितियों में उपयोग करने के लिए होती हैं और इन्हें अनुशासन और सही मार्गदर्शन के तहत किया जाना चाहिए। **वशीकरण प्रयोग की विधि**: 1. **साधना का समय और स्थान**: वशीकरण साधना को करने का सही समय रात्रि का होता है, जब शांति हो और साधक का मन एकाग्र हो सके। साधना के लिए एकांत और शुद्ध स्थान का चुनाव करना चाहिए। 2. **वशीकरण मंत्र**: Sadgurudev ने विभिन्न वशीकरण मंत्र बताए हैं, जिन्हें सही तरीके से जाप करने पर फल मिलता है। उदाहरण के लिए: “ॐ नमो सर्वलोकवश्यं सर्वलोक्यं सर्वलोकं सः सः ठः ठः ठः ठः स्वाहा।” इस मंत्र का जा...
गोपनीय सूत्र-वशीकरण साधना सिद्धि गुरु पुजन करे कोई भी वशीकरण साधना सिद्धि से पूर्व मंगलवार को हनुमान जी का पूजन करना आवश्यक है और बच्चो मे प्रसाद बाट दे ग्रहण काल में सिर्फ हनुमान चालीसा ही १ बार पाठ करे जिस व्यक्ति पे आप प्रयोग करते हो उससे प्रयोग करने के बाद झूठ नहीं बोलना चाहिए सिर्फ सत्य ही बोलिए नहीं तो वशीकरण का प्रभाव कम होने लगता है व्यक्ति विशेष से आपका परिचय होना चाहिये,अगर बात होती होगी तो बहुत अच्छी बात है॰ रविवार और मंगलवार प्रत्येक वशीकरण साधना एवं प्रयोग करने के लिए उपयुक्त है साबर वशीकरण मंत्र- ॥ मै तोह मोहो मोहिनी,तू मोहे संसार । बाट के बटोहिया मोहे,कुंआ की पनिहारी मोहे,पलना बैठी रानी मोहे। दुलीचा बैठो राजा मोहे,ठग मोहे,ठाकुर मोहे,पर-घर म...
नवरात्रि शक्ति पर्व शत्रुओं पर प्रचण्ड वार कर जीवन को भय बाधा से मुक्त करें छिन्नमस्तिका प्रचण्ड चण्डिका साधना आपके जीवन में शत्रु, बाधायें, हीनता, आनन्द, का अभाव, अज्ञानता, अशांति आदि हैं और इन दुष्क्रियाओं पर पूर्ण रूप से विजय प्राप्त की जा सकती है प्रचण्ड- चण्डिका साधना से जो भगवती छिन्नमस्ता का प्रचण्ड संहार स्वरूप है, नववर्ष की प्रथम नवरात्रि के प्रतिपदा दिवस पर ही सम्पन्न की जाने वाली यह साधना जीवन को निर्विघ्न व निर्भीक बनाती है। मनुष्य के जीवन में यह इच्छा रहती है कि वह अपने जीवन को निश्चिन्त भाव से जियें और उसके जीवन में बाधायें नहीं आये और यदि बाधायें किसी न किसी रूप में आती हैं तो वह उन पर विजय प्राप्त करे। मनुष...
सियार सिंगी पर वशीकरण ...
प्रेम शब्द का इस हद तक दुरुपयोग हुआ है कि हर एक कदम पर इसके अर्थ को लेकर प्रश्न खड़े होते है। यदि यह सच्चा प्यार है तो, यह ऐसा कैसे हो सकता है ? सिर्फ ज्ञानीपुरुष ही जो केवल प्रेम कि जीवंत मूर्ति हैं, हमें प्रेम कि सही परिभाषा बता सकते हैं। सच्चा प्रेम वही है जो कभी बढ़ता या घटता नहीं है। मान देनेवाले के प्रति राग नहीं होता, न ही अपमान करनेवाले के प्रति द्वेष होता है। ऐसे प्रेम से दुनिया निर्दोष दिखाई देती है। यह प्रेम मनुष्य के रूप में भगवान का अनुभव करवाता है। संसार में सच्चा प्रेम है ही नहीं। सच्चा प्रेम उसी व्यक्ति में हो सकता है जिसने अपने आत्मा को पूर्ण रूप से जान लिया है। प्रेम ही ईश्वर है और ईश्वर ही प्रेम है। प्रेम के संदर्भ में इतना ज्यादा सार्थक एवं अर्थपूर्ण लेखन किए जाने के बावजूद किसी संत या मनीषी द...
पती मानेगा बात ------------------------------- यह प्रयोग दुखी पत्नी के लिये है जो पती से परेशान हो और शास्त्रो मे पती को वश करना गलत माना गया है.नुकसान कुछ नही होगा परंतु सोच-विचार से प्रयोग करे. शनिवार की रात्रि में ७ लौंग लेकर उस पर २१ बार जिस व्यक्ति को वश में करना हो उसका नाम लेकर फूंक मारें और अगले रविवार को इनको आग में जला दें। यह प्रयोग लगातार ७ बार करने से अभीष्ट व्यक्ति का वशीकरण होता है। समय रात्री के 9 बजे के आस-पास का बेहतर है l इस क्रिया को करते समय एक बात याद रखिये,मुख उत्तर दिशा के तरफ होना चाहिये और शुद्धता महत्वपूर्ण है l आदेश. ...
हनुमान मोहिनी. ------------------------------ सही साधना है ये और कलयुग मे हनुमान जी जाग्रत देवता है उसी तराहा उनकी मोहिनी प्रभावशाली है.यह साधना पती/पत्नी प्रेमि/प्रेमिका के लिये सर्वोत्तम है. साधना विधि:- होली के रात मे या किसी भी पूर्णिमा के दिन मंत्र का 1008 बार लाल चंदन के माला से जाप करे,आसन वस्त्र लाल रंग के हो और हनुमत पुजन अवश्य करे.दिशा उत्तर और प्रसाद के रूप मे एक पानीवाला नारियल रखिये जिसे मंत्र जाप के बाद तोडना है और उसकी गिरी चढानी है.सिंदूर का तिलक स्वयम को करना ना भूले और राम नाम का जाप करते हुए कुछ समय के लिये कपूर भी जलाये. यह विधान करने से हनुमत मोहिनी सिद्ध होती है. ll मोहिनी मोहिनी,हनुमान की मोहिनी,गौड बंगाल की रानी,काज करे भारी,जिसको दू वो हमारी,अमुक को वश मे करे,जो न करे,मेरी आन गुरू की आन (.........यहा के कुछ शब्द गाय...
सम्मोहन विद्या और साधना. ====================== सम्मोहन विद्या को हासिल करने के लिए प्रथम सीढ़ी है त्राटक का अभ्यास। यही वह साधना है जिसका निरंतर अभ्यास करने से आपकी आंखों में अद्भुत चुंबकीय शक्ति जाग्रत होने लगती है और यही चुंबकीय शक्ति दूसरे प्राणी को सम्मोहित करके अपनी ओर आकर्षित करती है। सम्मोहन सीखने के लिए विधिवत् रूप से शिक्षा लेना कोई आवश्यक नहीं है, क्योंकि यह तो मन और इच्छा शक्ति का ही खेल है। आप स्वयं के प्रयास, निरंतर अभ्यास और असीम धैर्य से सम्मोहन के प्रयोग सीखना आरंभ कर दें तो आप भी अपने अंदर यह अद्भुत शक्ति जाग्रत कर सकते हैं।यह विद्या मन की एकाग्रता और ध्यान, धारणा समाधि का ही मिला-जुला रूप है। आप किसी भी आसन में बैठकर शांतचित्त से ध्यानमग्न होकर मन की गहराइयों में झांकने का प्रयास करें। हालांकि प्रारंभ मेंआपको कुछ बोरियत अथवा कठिनाई महसूस होगी परंतु यहीं तो आपके ...
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