चंडिका_जयंती बैशाख शुक्ल 15(पुर्णिमा) को मनाई जाएगी जो कि दिनांक 23।05।2024 को हैं। सभी गुरुभाई/बहनों को मां भगवती चंडिका महाविद्या अवतरण दिवस की शुभकामनाएं संप्रेषित हैं... ...
गतांक से आगे:- ???????️?️??????? अंखियन की करि कोठरी पुतली पलंग बिछाय , पलकन की चिक डारि कै पिउ कौ लिया रिझाय । ना मैं देखूँ और को ना तौहे देखन देहूँ । -मेने तो आखों की कोठरी बना करके पुतली का पलंग बिछाया है, क्योकि मुझे तो उसे बैठाना हे, और फिर उस को कोई देखे नहीं इसलिए मैंने पलकों की चिक डाल दी हे . . . पिउ को लिया रिझाय . . . जो मेरा ईश्वर है, जो मेरा भगवान हे, जो मेरा प्रेमी हे, जो मेरे गुरु हैं, मैं उनको रिझाने की कोशिश कर रहीँ दूं . . . लेकिन मैँ रिझाने' की क्रिया पूरी तरह से" नहीं जानती, मुझें केवल इतना ही आता है कि मै उनको केवल आंखो मे बिठा लू', आंखें बन्द कर लू' । आखें इसलिए बन्द कर लूं… ना मैं देखूं और को ना तोहे देखन देहुँ .अब मैं दूसरे को देखना ही नहीं चाहती, क्योंकि दूसरे को देखने की क्रिया हे ही नहीँ, जहां दूसरा शब्द आया वहां प्रेम खत्म हो जाता हे 1 कबीर साफ कह रहा हे प्रेम गली अति सांकरी . . . बह...
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