MTYV Vishwa Vidyalaya Ayurvedic Science Research Center.

MTYV Vishwa Vidyalaya Ayurvedic Science Research Center.
भाइयों और बहनों MTYV Vishwa Vidyalaya Ayurvedic Science Research Center. में आपका स्वागत है. भारत ऋषियों मुनियों की धरती है दुनिया में मात्र ऐसा देश जिसने अनेको गुरुयों, महापुरुषों , अवतारों को जन्म दिया . आज भी दुनिया धर्म , मानवता , ज्ञान , योग, जीवन का सत्य आदि की खोज के लिए अगर कहीं देखती है तो भारत ही दुनिया का एकमात्र देश है जिसको यह गोरव प्राप्त है . एक समय था जब हम भारतीय प्रकृति के साथ ताल मेल के साथ जीते थे , ब्रह्माण्ड के रहस्यों को समझते , जीवन को समझते , इसी लिए उनकी आयु सौ वर्षों से भी कहीं अधिक होती थी. लकिन जेसे जेसे हम प्रकृति से दूर होते गये , रोगों का पास आना शुरू हो गया, वेसे वेसे आदमी की उम्र भी कम होती गयी . जिस ज्ञान ने हमे अन्तेर्मुखी होकर इश्वर प्राप्ति, प्रकृति के रहस्यों को समझने का रास्ता बताया हम उसी से धीरे धीरे दूर होते गये . कंही न कंही सुख प्राप्त करने के का मार्ग हम बाहर खोजने लगे . गर्मी लगी तो पंखा खोजा लकिन फिर भी मानव दुखी का दुखी , पंखे से काम नहीं बना तो कूलर आ गये लकिन कूलर से भी शांति नहीं मिली तो सोचा शायद a.c. से बात बनेगी . a.c . के आगे सोने से भी शांति नहीं आई उल्टा चार बीमारियाँ और जरूर आ गयी . अपनी दिनचर्या को इतना आरामदायक बना लिया फिर भी पहले से जायदा रोगी , कमज़ोर होते गये .
धन्वन्तरी , नागार्जुन आदि ऋषियों के काल में कहते हैं की यह लोग जहां से गुज़रते आस पास का पौधा खड़ा होकर अपनी उपयोगिता बताता की मैं मानव जीवन में केसे काम आ सकता हु ,इसी लिए कायाकल्प जेसे योगो की रचना हुई . आज आयुर्वेद कहाँ है ? एक भी हॉस्पिटल नहीं . क्लिनिक तो मिल जायेंगे , massage centers भी मिल जायेंगे लकिन एक भव्य हॉस्पिटल नहीं मिल पायेगा . एक काम करें . अभी इसका जवाब मिल जाएगा जो जो भी इसको पढ़ रहा है यो किसी आयुर्वेद डॉक्टर की आँख बंद करके कल्पना करें आपको उत्तर मिल जाएगा . जहाँ तक मेरी समझ है आपकी कल्पना में आयुर्वेदिक डॉक्टर मतलब कोई बजुर्ग सा आदमी सफ़ेद धोती कुरता पहना हुआ , एक table, chair , उसपर सफ़ेद रंग की चादर और table पर रखी हुई गोलियों की चार पांच शीशियाँ . इससे ऊपर हम सोच ही नहीं पाएंगे . इस ज्ञान का विस्तार नहीं हो पाया और बड़े महत्वपूर्ण ग्रन्थ लुप्त हो गये शायदइसी वजह से इसपर और आगे जो research होनी चाहिए थी वो नहीं हो पायी .इसी वजह से हम भारत में एक भी आयुर्वेदिक हॉस्पिटल नहीं बना पाए , 
दोस्तों दुनिया में ऐसा एक भी रोग नहीं है जो इसके माध्यम से जड़ मूल से नष्ट न होता हो , cancer से लेकर ..कोई भी आवश्यकता है की लोगों में इसके प्रति रुझान पैदा हो . यह संस्था क्या है ? इसके objectives क्या है ? इसपर भी मैं जल्दी ही अयुंगा . आपको विश्वास दिलाता हु को दुनिया में हम इस संस्था माध्यम से एक मिसाल पैदा करेंगे 
अभी इतना ही ...thanks
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