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  • Mantra Tantra Yantra Vigyan Gurudev Dr. Narayan Dutt Shrimaliji

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साधना क्या है ?मन में सदा विवेक विचार करना चाहिए :-

साधना के बगैर जीवन अधूरा होता है। परमानन्द की प्राप्ति से हम वंचित रह जाते हैं। साधन के भी अनेक सोपान है। साधना के पथ पर यदि मनुष्य चले तो उससे जीवन को समझने का सही ज्ञान मिलता है। यह सजग और सचेतन होकर परमात्मा प्राप्ति का अपना मार्ग दृढ कर सकता है। साधक आध्यात्मिक दिव्यता से परिपूर्ण होता है। साधक भोगी नही, योगी होता है। साधक अंर्तमुखी होता है। सबसे पहले वह अपने मन को साधता है। इन्द्रियों पर नियंत्रण रखता है। जीव्न में शांति का मार्ग भी इन्द्रिय नियंत्रण से ही निकलता है। सिकन्दर के भीतर एक राज्य को जीतने के बाद भी दूसरे राज्य को जीतने की कामना बनी रहती थी। साधना से हमारा ऊध्र्व गमन होता है। जीवात्मा उस " गुरु"को प्राप्त कर आनन्द युक्त होती है। गुरु का साक्षात्कार सिर्फ आत्मज्ञान से सम्भव है। और वह एक साधक से ज्यादा भला किसके पास हो सकता है। साधक प्रेम, करुणा और सेवा की भावना से पूर्ण वह शक्ति है जिससे व्यक्ति धीरे धीरे आसक्ति व रसों के मोह को छोडता चला जाता है और एक समय आता है जब वह स्वयं को गुरु के साथ एकीकृत करता है। साधना में व्यक्ति अंदर से मजबूत होता है। धार्मिक बनना सरल है, लेकिन एक सच्चा साधक बनना कठिन।

महात्मा बुद्ध ने करुणा को और महावीर ने अहिंसा को साधा। नानकदेव जी ‘सर्वजन हिताय’ का संकल्प लेकर ख्बुशबू बिखरते रहे। स्वामी रामकृष्ण परमहंस अंतर्मन के सजग प्रहरी थे। साधक सुविधा में नहीं, बल्कि दुविधा में भी सजग व तत्पर रहता है। अच्छा साधक बनने के लिए जीवन में शौर्य , गुरु की शक्ति ,और गुरु का सामर्थ को जरुर साधे। साधना से जीवन में नियम बनता है और जो नियम में रहता है- प्रकृति उसका संरक्षण करती है। ‘एकहि साधै सब सधै’ का भाव रखते हुए जब हम निर्भीक होकर, सबके सुख की कामना करते हुए जीवन-यापन करते है, तभी हम पूर्ण रुप से सफल होते हैं। जो साधक है वह आत्म कल्याण के साथ साथ सर्व कल्याण करता है।

गुरु तो प्रदान करने के लिए हर क्षण तत्पर हैं परन्तु वह स्वयं से कुछ प्रदान कर नहीं सकता जब तक की शिष्य स्वयं आगे बढ़कर अपने आप को समर्पित न कर दे.

द्वारा - पूज्य सदगुरुदेव डॉo नारायण दत्त श्रीमाली जी
जीवन की प्रत्येक क्रिया तन्त्रोक्त क्रिया है॰यह प्रकृति,यह तारा मण्डल,मनुष्य का संबंध,चरित्र,विचार,भावनाये सब कुछ तो तंत्र से ही चल रहा है;जिसे हम जीवन तंत्र कहेते है॰जीवन मे कोई घटना आपको सूचना देकर नहीं आता है,क्योके सामान्य व्यक्ति मे इतना अधिक सामर्थ्य नहीं होता है के वह काल के गति को पहेचान सके,भविष्य का उसको ज्ञान हो,समय चक्र उसके अधीन हो ये बाते संभव ही नहीं,इसलिये हमे तंत्र की शक्ति को समजना आवश्यक है यही इस ब्लॉग का उद्देश्य है.

गुरु आज के समय में लोग अपनी भौतिक आवश्यकताओं के लिए खोजते हैं ।गुरु उसे बनाना चाहते हैं जो उनके षट्कर्म सिद्ध करा सके ।उन्हें वशीकरण ,मोहन आकर्षण ,अभिचार सिखा सके या खुद कर दे ।अप्सरा ,यक्षिणी ,भूत ,प्रेत सिद्ध करा सके ,सिद्धियां दिला सके ,शक्तिपात कर दे ।भूत ,प्रेत से मुक्ति दिला दे धन सम्पत्ति ,सुंदर पुरुष या कन्या दिला सके ।कुछ दिनों में महाविद्या सिद्ध करा दे मोक्ष अथवा मुक्ति के लिए

अब लाखों में कोई एक गुरु बनाता है या खोजता है पंथों ,संप्रदायों में भी यही स्थिति है तो सामान्य सामाजिक गुरु शिष्यों की तो बात ही क्या ।आज जो अधिकतर गुरु बने बैठे हैं अक्सर वह खुद ऐसे शिष्य रहे हैं ।वास्तव में गुरु का कार्य भौतिक जीवन की समस्याओं में रहकर भी मुक्ति अथवा मोक्ष का मार्ग दिखाना है न की षट्कर्म की सिद्धि कराना ।

वास्तविक गुरु मुक्ति का मार्ग दिखाता है ।सहन ,संतुष्टि और कर्म का रास्ता दिखाता है ।जो पूर्व के कर्मानुसार भाग्य है उसे तो भुगतना ही होता है ,गुरु तो उसकी पूर्णता और उसके बाद ऐसे कर्म का रास्ता दिखाता है जिससे कर्म से उतपन्न भाग्य ही मुक्ति प्रदान कर दे ।

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*एकोही निखिलम् द्वितीयोनास्ति*

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*ॐ परम तत्वाय नारायणाय गुरूभ्यो नमः 🙏🙏🙏🙏*

MTYV Vishwa Vidyalaya

तांत्रिक साधनाओ या तांत्रिक पद्धति से साधना का महत्व।

Tuesday 23rd of January 2018 04:26:47 PM


कामिका तंत्र के अनुसार, तंत्र शब्द दो शब्दों के मेल से बना हैं पहला 'तन' तथा दूसरा 'त्र'। 'तन' शब्द बड़े पैमाने पर प्रचुर मात्रा में गहरे ज्ञान से हैं तथा 'त्र' शब्द का अर्थ सत्य से हैं। अर्थात प्रचुर मात्र में वह ज्ञान जिसका सम्बन्ध सत्य से है! वही तंत्र हैं। तंत्र संप...

maa saraswati ki puja upasana मां सरस्वती की पूजा-उपासना

Tuesday 23rd of January 2018 04:24:57 PM


मां सरस्वती को ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है। देवी लक्ष्मी के साथ हमेशा ही सरस्वती की पूजा की जाती है, इसके पीछे का आधार यह है क्योंकि संपूर्ण जगत के प्राणी एक जीवन-चक्र से अवश्य जुड़े हैं किंतु बुद्धि केवल मनुष्य के पास ही है। इसी बुद्धि के आधार पर ज्ञान की प्रा...

हवन में कौनसे फल अर्पित करने से क्या लाभ मिलता है ?

Monday 22nd of January 2018 09:54:34 PM


हवन में कौनसे फल अर्पित करने से क्या लाभ मिलता है ? श्री फल जिसको बेल भी कहते है से लक्ष्मी प्राप्ति होती है , क्रमुक से भोग , नारंगी से सौंदर्य , कटहल से कांति , नारियल से वशीकरण , निम्बू से शत्रुनाश , आम से राज्य लाभ , जामुन से स्तम्भन , केला से सर्व सिध्ही , कैथ से उछाटन, बेर से ...

धूमावती जयंती विशेष दस महाविद्याओं में सातवीं महाविद्या हैं माँ धूमावती

Saturday 13th of January 2018 06:54:11 PM


धूमावती जयंती विशेष दस महाविद्याओं में सातवीं महाविद्या हैं माँ धूमावती। इन्हे अलक्ष्मी या ज्येष्ठालक्ष्मी यानि लक्ष्मी की बड़ी बहन भी कहा जाता है। ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष अष्टमी को माँ धूमावती जयन्ति के रूप मइ मनाया जाता है। मां धूमावती विधवा स्वरूप में प...

बटुक भैरव जयंती श्री बटुक दिलाएंगे शनि राहु केतु के कष्ट से मुक्ति

Saturday 13th of January 2018 06:19:54 PM


बटुक भैरव जयंती 3 जून 2017 श्री बटुक दिलाएंगे शनि राहु केतु के कष्ट से मुक्ति मित्रों, भगवान बटुक भैरव का प्राकट्य ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को हुआ था, उदय तिथि मत से इनका पूजन कल भी किया जा सकता है किंतु क्योंकि भैरव पूजन रात्रिकाल में ही श्रेयस्कर है अतः मेरी ...

श्री भैरव जयंती विशेष बटुक एवं कालभैरव उपासना,कार्य सिद्धि एवं शत्रु नाशक प्रयोग

Saturday 13th of January 2018 06:10:24 PM


श्री भैरव जयंती विशेष बटुक एवं कालभैरव उपासना,कार्य सिद्धि एवं शत्रु नाशक प्रयोग ।।श्री काल-भैरव।। भगवान भैरव की महिमा अनेक शास्त्रों में मिलती है। भैरव जहाँ शिव के गण के रूप में जाने जाते हैं, वहीं वे दुर्गा के अनुचारी माने गए हैं। भैरव की सवारी कुत्ता है। च...

संग्रीला घाटी ::पृथ्वी का आध्यात्मिक नियंत्रण केंद्र

Thursday 28th of December 2017 12:17:25 PM


संग्रीला घाटी ::पृथ्वी का आध्यात्मिक नियंत्रण केंद्र ================================== चीन के भारत पर आक्रमण का कारण =========================== संग्रीला घाटी सामान्य जन के लिए अनजान जगह हो सकती है ,किन्तु उच्च स्तरीय अध्यात्म क्षेत्र से जुड़ा व्यक्ति इससे अनजान नहीं रह सकता ,फिर वह चाहे वह व्यक्ति योग स...

Mahakaal Sadhna (महाकाल साधना) by Dr Narayan Dutt Shrimali, महाकाल मंत्र, शिव शंकर साधना

Tuesday 7th of November 2017 09:21:00 PM


महाकाल साधना दीक्षा प्रोयोग गोपनीय साधना (सावन के महीने में की जाने वाली साधना ) भगवान शंकर काल के भी काल है उन्ही महाकाल को मेरा प्रणाम व नमन है | महाकाल तो वह धुरी है , जिस पर समस्त ब्रम्हांड गति शील है | महा काल में ही या समस्त चराचर जीव जगत विश्व ब्य्याप्त है , महाकाल ...

लघु महामृत्युंजय मंत्र का सरल लाभकारी प्रयोग, laghu Mahamrityunjaya Mantra tantra yantra sadhana

Tuesday 1st of August 2017 11:27:00 AM


~ लघु महामृत्युंजय मंत्र का सरल लाभकारी प्रयोग ~ =================================== मंत्र- ॐ हौं जूं सः विधी -अपने या जिसके लिए भी ये प्रयोग करना है उसके नाम या खुद के लिये है तो अपना नाम लेकर संकल्प लेवे ! जल शिवलिंग के निकट छोड दे और उक्त मन्त्र का १०८ बार जाप करे फिर दूध की मिठाई और बेलपत्त ले...

Emergency time sadhana

Saturday 8th of July 2017 12:50:52 PM


यह साधना हिंदू परिवारों के लिए की जानी चाहिये। जो मुस्लिमो के अत्याचार से ग्रस्त है , या बॉर्डर पर , आप के घर पर युद्ध जैसे आपात काल हो तो इस मंत्र का जाप अगर किया जाये तो सभी समस्या से आप का राहत मिलेगा, कोई बीमारी हो , बहुत परेशांन हो किसी के दुश्मनी के कारन , ऑफिस , घर बहार ह...
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