गणपतिगणपति, विघ्नविनाशक, सिद्ध लक्ष्मीप्रदायक देवताओं में अग्रगण्य पूज्य है। बिना गणपति-पूजा के अन्य समस्त सिद्धियां, साधनाएं, पूजा आदि निष्फल है। इष्ट के रूप में गणपति शीघ्र एवं निश्चित फलदायक हैं-बीजापूर गदेलु कार्मुकरजा चक्राब्जपाशोत्पल । ब्रीह्म प्रत्व विषाण रत्न कलश प्रोद्यत्कराम्भोरुहः ॥ ध्येयो वल्लभया स पद्म करयादिलष्ठो ज्वलद्रूषया । विश्वोत्पत्ति विपत्ति संस्थिति करो विघ्नेश इष्टार्थवः ।।कुछ सिद्ध गणपति प्रयोग आगे के पृष्ठों पर साधकों के लाभार्थ अंकित हैं-प्रयोग १सिद्ध लक्ष्मी गणपतिविनियोगॐ अस्य श्री गणपति महामंत्रस्य गणक ऋषि, निचूर् गायत्री छम्वः, महागणतिर्देवता, सिद्ध लक्ष्मी गणपति मंत्रे विनियोगः ।करन्यासॐ श्रीं ह्रीं क्लीं यों गां अंगुष्ठाभ्यां नमः ।ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं थीं गी तर्जनीभ्यां स्वाहा ।ॐ श्र...
गुरु पूर्णिमा पर गुरुपूजन की सरल विधि गुरु पूजन की एक सरल विधि | गुरु मंत्र और साधना का महत्व Dr Narayan Dutt Shrimali गुरु पूजन की एक सरल विधि प्रस्तुत है । जिसका उपयोग आप दैनिक पूजन में भी कर सकते हैं । सबसे पहले अपने सदगुरुदेव को हाथ जोडकर प्रणाम करे ॐ गुं गुरुभ्यो नम: गणेश भगवान का स्मरण करें तथा उन्हें प्रणाम करें ॐ श्री गणेशाय नम: सृष्टि की संचालनि शक्ति भगवती जगदंबा के 10 स्वरूपों को महाविद्या कहा जाता है । उन को हृदय से प्रणाम करें तथा पूजन की पूर्णता की हेतु अनुमति मांगें । ॐ ह्रीं दश महाविद्याभ्यो नम: ॐ ह्रीं दश महाविद्याभ्यो नम: गुरुदेव का ध्यान करे गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर: । गुरु: साक्षात परब्रह्म तस्मै ...
1...गणपति मालामन्त्राः ...
Shree Siddhi Vinayak Ganpati Mantra Sadhana श्री लक्ष्मीविनायक मंत्र साधना. - धन मनुष्य की सर्वप्रथम आवश्यकता आदिकाल से रही है।धन कमाने के लिए मनुष्य निरंतर कोशिश करता रहता है। चारों पदार्थ अर्थ-धर्म-काम-मोक्ष में अर्थ को प्रथम रखने का कारण ही यह है कि अर्थ से यानी कि धन से बाकी के पदार्थों को पाने में अर्थ की प्रधान भूमिका रही है। लक्ष्मी विनायक धन तथा बुद्धि के अधिष्ठाता देवता हैं। इनकी साधना से धन की कमी दूर की जा सकती है। विनियोग :- ll ओम अस्य श्री लक्ष्मी विनायक मंत्रस्य अंतर्यामी ऋषि:गायत्री छन्द: श्री लक्ष्मी विनायको देवता श्रीं बीजं स्वाहा शक्ति: सर्वाभीष्ट सिद्धये जपे विनियोग:। करन्यास - ओम श्रीं गां अंगुष्ठाभ्यां नम:। ओम श्रीं गीं तर्जनीभ्यां नम: l ओम श्रीं गूं मध्यमाभ्यां नम:। ओम श्रीं गैं अनामिकाभ्यां नम: ओम श्रीं गौं कनिष्ठकाभ्यां नम:। ...
——————————————————————————– पुत्र प्राप्ति के लिए संतान गणपति स्तोत्र—– पुत्र प्राप्ति के लिए संतान गणपति स्तोत्र नमो स्तु गणनाथाय सिद्धिबुद्धियुताय च । सर्वप्रदाय देवाय पुत्रवृद्धिप्रदाय च ।। गुरूदराय गुरवे गोप्त्रे गुह्यासिताय ते । गोप्याय गोपिताशेषभुवना चिदात्मने ।। विŸवमूलाय भव्याय विŸवसृष्टिकराय ते । नमो नमस्ते सत्याय सत्यपूर्णाय शुण्डिने ।। एकदन्ताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नम: । प्रपन्नजनपालाय प्रणतार्तिविनाशिने ।। शरणं भव देवेश संतति सुदृढां कुरू । भवष्यन्ति च ये पुत्रा मत्कुले गणनायक ।। ते सर्वे तव पूजार्थे निरता: स्युर्वरो मत: । पुत्रप्रदमिदं स्तोत्रं सर्वसिद्धप्रदायकम् ।।...
VEERBHADR TANTROKT SARVESHVARI SADHNA ( वीरभद्र तंत्रोक्त सर्वेश्वरी साधना) वीरभद्रतन्त्रं अपने आप मे गोपनीय साधनाओ का संग्रह है, यह गुप्त ग्रन्थ मे अनेको साधना रहस्य दिये गए है जो की अपने आप मे सरल तथा प्रामाणिक है. एक समय पर यह बहोत ही बड़ा तन्त्र साहित्य ग्रन्थ हुआ करता था लेकिन इसके कई भाग काल क्रम मे लुप्तता को प्राप्त हो गए. खेर, इस ग्रन्थ मे कई देवी देवताओ की साधना विधियां स्पष्ट की गई है जिसमे मारण, वशीकरण, आकर्षण, मोहन और कार्य सिद्धि से सबंधित प्रयोग निहित है. प्रस्तुत प्रयोग ग्रन्थ का एक कीमती रत्न है. यह...
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