Gurudev Dr. Narayan Dutt Shrimali

Rahu Mantra Beneficial To Recite For Share Marketing Source

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ii  राहु स्तोत्रम्  Ii

विनियोग:
ॐ अस्य श्रीराहुस्तोत्रस्य वामदेव ऋषिः  गायत्री छन्दः राहुर्देवता  राहुप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ॥

राहुर्दानव मन्त्री च सिंहिका चित्तनन्दनः।
अर्धकायः सदाक्रोधी चन्द्रादित्यविमर्दनः ॥१॥

रौद्रो रुद्रप्रियो दैत्यः स्वर्भानुर्भानुमीतिदः।
ग्रहराजः सुधापायी राकातिथ्यभिलाषुकः ॥२॥

कालदृष्टिः कालरुपः श्रीकष्ठह्रदयाश्रयः।
विधुंतुदः सैंहिकेयो घोररुपो महाबलः ॥ ३॥

ग्रहपीडाकरो द्रंष्टी रक्तनेत्रो महोदरः ।
पञ्चविंशति नामानि स्मृत्वा राहुं सदा नरः ॥४॥

फलश्रुति:

यः पठेन्महती पीडा तस्य नश्यति केवलम् ।
विरोग्यं पुत्रमतुलां श्रियं धान्यं पशूंस्तथा ॥५॥

ददाति राहुस्तस्मै यः पठते स्तोत्रमुत्तमम्।
सततं पठते यस्तु जीवेद्वर्षशतं नरः ॥ ६॥

ii इति श्रीस्कन्दपुराणे राहुस्तोत्रं संपूर्णम् Ii

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✅ 1. राहु ग्रह की पीड़ा दूर होती है

राहु की महादशा–अंतरदशा के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं।

अचानक आने वाली परेशानियाँ, बाधाएँ और मानसिक तनाव कम होता है।

✅ 2. दुश्मनों व नकारात्मक शक्तियों से रक्षा

“राहुर्दानव मन्त्री… महाबलः” — यह दर्शाता है कि राहु सुरक्षा व शक्ति भी देता है।

छुपे शत्रुओं, ईर्ष्यालु लोगों और बुरी नज़र से रक्षा करता है।

✅ 3. करियर और कार्यक्षेत्र में सफलता

राहु यदि भ्रम, धोखा, असफलता दे रहा हो तो स्थिति धीरे-धीरे सुधरती है।

नौकरी, राजनीति, व्यवसाय और प्रतियोगी परीक्षाओं में लाभ मिलता है।

✅ 4. अचानक धन लाभ

राहु छाया ग्रह है, अचानक स्थितियाँ बदलना इसकी विशेषता है।

स्टॉक मार्केट, ट्रेडिंग, सट्टा जैसे क्षेत्रों में विवेक के साथ सफलता बढ़ती है।

✅ 5. स्वास्थ्य में सुधार

मन का भय, अनिद्रा, तनाव, भ्रम, अनिश्चितता जैसे राहु-संबंधित रोग शांत होते हैं।

शरीर में अपच, गैस, संक्रमण जैसी परेशानियों में राहत मिलती है।

✅ 6. संतान प्राप्ति या संतान सुरक्षा

शास्त्र में “पुत्रमतुलां” शब्द आया है—
राहु स्तोत्र के पाठ से संतान-सुख से जुड़ी बाधाएँ दूर होती हैं।

✅ 7. धन, अन्न, पशुधन और समृद्धि

“श्रियम्, धान्यम्, पशून्” — स्वयं ग्रंथ में वर्णन है कि
राहु स्तोत्र इन सबका अभाव दूर करता है।

✅ 8. आयु-वृद्धि

“जीवेद् वर्षशतं नरः” —
इसे नियमित पढ़ने वाला सौ वर्षों तक स्वस्थ जीवन जी सकता है (शास्त्रीय वचन)।

🕉️ राहु स्तोत्र पाठ विधि (सबसे सरल और प्रभावी)

⭐ 1. सही दिन

शनिवार या बुधवार सर्वश्रेष्ठ

रोज़ भी पढ़ सकते हैं — कोई बाधा नहीं

⭐ 2. समय

सुबह स्नान के बाद या रात 9–10 बजे के बीच
(राहु रात्रि का ग्रह है – इसलिए रात्रि समय बहुत प्रभावशाली माना जाता है)

⭐ 3. आसन

काले या नीले आसन पर बैठें

पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख

⭐ 4. क्या रखें

सामने काले तिल, काली उड़द, या नीली मोमबत्ती/दीपक

चाहें तो राहु यंत्र भी रख सकते हैं (वैकल्पिक)

⭐ 5. पाठ कैसे करें

पहले 3 बार ॐ रां राहवे नमः

फिर पूरा राहु स्तोत्र

अंत में 1 मिनट आँखें बंद करके आशीर्वाद प्रार्थना

⭐ 6. कितने दिन?

कम से कम 40 दिन

यदि राहु की महादशा/अंतरदशा चल रही हो → 108 दिन

🔱 राहु दोष निवारण के सरल और शक्तिशाली उपाय

✔ 1. काले तिल बहते पानी में छोड़ना

शनिवार को 1 मुट्ठी काले तिल बहते जल में प्रवाहित करें।
(राहु की नकारात्मक ऊर्जा तुरंत कम होती है)

✔ 2. भैरव जी और देवी काली को नमस्कार

राहु दोनों के अधीन हैं; उनका स्मरण राहु दोष शांत करता है।

✔ 3. सरल मंत्र जप

रोज़ 108 बार —
ॐ रां राहवे नमः
बहुत शक्तिशाली और तुरंत प्रभावकारी।

✔ 4. कुत्तों को भोजन कराना

काले कुत्ते को रोटी, बिस्किट या ब्रेड खिलाना —
राहु दोष का सीधा निवारण करता है।

✔ 5. काले कपड़े और शराब से दूरी

राहु की नकारात्मकता तब बढ़ती है जब व्यक्ति
अनियमित जीवन, झूठ, आदतों में अराजकता
अपनाता है। इससे बचने पर राहु स्वतः शांत हो जाता है।

✔ 6. हिंग (asafoetida) का तिलक

शनिवार/बुधवार को थोड़ा सा हिंग + पानी
नाभि या छाती पर लगाएं।
(मन की बेचैनी, भ्रम, डर खत्म करता है)

✔ 7. चंद्र देव की पूजा

राहु चंद्र को ग्रसता है, इसलिए चंद्र को दूध अर्पित करना राहु को कमजोर करता है।
सोमवार की रात — कच्चा दूध चंद्रमा को चढ़ाएँ।

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