itihas ke khoye pne

News in category: itihas-ke-khoye-pne

  • वेदों में सभी चार वर्णों

    आज एक मित्र की प्रेरणा से वेदों पर आधारित कुछ लेख प्राप्त हुए जिंनके कुछ अंश यहां प्रस्तुत है मै स्वयं ब्राह्मण हु लेकिन जाती वाद का घोर विरोधी हु और किसी भी प्रकार के जातिगत भेद की आलोचना करता हूँ मैंने कई बार इस सन्दर्भ में पोस्ट लिखी और पूर्ण हिन्दुत्व की बात की . प्रस्तुत है कुछ तथ्य वेदों में सभी चार वर्णों को जिनमें शूद्र भी शामिल हैं, आर्य माना गया है और अत्यंत सम्मान दिया गया है | यह हमारा दुर्भाग्य है कि वेदों की इन मौलिक शिक्षाओं को हमने विस्मृत कर दिया है, जो कि हमारी संस्कृति की आधारशिला हैं | और जन्म-आधारित जाति व्यवस्था को मानने तथा कतिपय शूद्र समझी जाने वाली जातियों में जन्में व्यक्तियों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार आदि करने की गलत अवधारणाओं में हम फँस गए हैं | कम्युनिस्ट और पूर्वाग्रह ग्रस्त भारतीय चिंतकों की भ्रा...

  • एकलव्य की कहानी, एकलव्य द्रोणाचार्य शिष्य,एकलव्य और द्रोणाचार्य की कहानी, एकलव्य

    ॐ नमस्ते भाइयो बहनों कृपया व्यर्थ के बाद विवाद से बचें फेसबुकिया भीमवादियों द्वारा अक्सर एक झूठ फैलाया जाता है कि गुरु द्रोण ने एकलव्य का अंगूठा इसलिये मांग लिया था कि क्योंकि वो एक शूद्र था । जबकि ऐसा बिल्क नही है आज मैं आप सबको एकलव्य की असली कहानी बता रहा हूँ जो शायद आपने नही सुनी होगी क्योंकि इस कहानी को अक्सर कथावाचकों द्वारा न तो सुनाया जाता है और न ही इस पर कोई लिखता है । खैर छोड़िए हम आपको बताते हैं आली कहानी ।  महाभारत काल मेँ प्रयाग (इलाहाबाद) के तटवर्ती प्रदेश मेँ सुदूर तक फैला श्रृंगवेरपुर राज्य एकलव्य के पिता निषादराज हिरण्यधनु का था। गंगा के तट पर अवस्थित श्रृंगवेरपुर उसकी सुदृढ़ राजधानी थी। उस समय श्रृंगवेरपुर राज्य की शक्ति मगध, हस्तिनापुर, मथुरा, चेदि और चन्देरी आदि बड़े रा...

  • itihash ke khoye paane part13 अधूरा चित्रण ही आपके सामने किया गया है, पूरा सच

    जो इतिहास हमें पढ़ाया गया है ,उसमे सोमनाथ के मंदिर को लूटना तो बताया गया है लेकिन मेहमूद ग़ज़नवी ने कंधार के रास्ते आते और जाते हुए मृत्यु का क्या तांडव खेला कभी नहीं बताया जाता। उसमे 1206 के मोहम्मद गौरी से लेकर 1857 तक के बहादुर शाह ज़फर अधूरा चित्रण ही आपके सामने किया गया है, पूरा सच शायद बताने से मुस्लिम वर्ग नाराज़ हो जाता। और वैसे भी जैसा की वीर सावरकर ने 1946 लिख दिया था, कि लम्बे समय तक सत्ता में बने रहने के लिए ततकालीन कांग्रेस के नेताओं ने यही रणनीति बनायीं थी की ,हिन्दुओं में फूट डाली जाये और मुस्लिमों का तुष्टिकरण किया जाये। इसी का आज यह दुष्परिणाम है की न तो मुस्लिम आक्रान्ताओं का पूरा इतिहास ही पढ़ाया गया और आज हिन्दू पूरी जानकारी के आभाव में वर्णव्यवस्था के नाम पर चाहे सड़क हो चाहे फेसबुक कहीं पर भी भिड़ जाते हैं।...

Showing page 1 of 1 (3 total news)

Guru Sadhana News Update

Blogs Update