श्री बुध कवचम्
बुद्धि, वाणी, व्यापार और मानसिक शांति का दिव्य रक्षक


श्रीगणेशाय नमः | श्रीगुरुभ्यो नमः
शास्त्रों में बुध ग्रह को

बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, लेखन, शिक्षा और निर्णय क्षमता का अधिपति माना गया है।
जब कुंडली में
बुद्धि भ्रमित हो
बोलने में रुकावट आए
पढ़ाई या व्यापार में अटकाव हो
नर्वसनेस, डर, ओवरथिंकिंग बढ़ जाए
तो श्रीबुध कवचम् एक अत्यंत प्रमाणित और सुरक्षित वैदिक संरक्षण प्रदान करता है।

बुध कवचम्
श्रीगणेशाय नमः
श्रीगुरुभ्यो नमः
ॐ अस्य श्रीबुधकवचस्य नारद ऋषिः।
अनुष्टुप् छन्दः।
बुधो देवता।
बुधप्रीत्यर्थे पाठे विनियोगः॥
- ॐ बुधो मे पातु शीर्षे, ललाटे सोमनन्दनः।
- नेत्रे पातु सुधापुत्रः, श्रोत्रे पातु निशापतिः॥ १॥
- घ्राणं पातु महाप्राज्ञो, मुखं पातु प्रियंवदः।
- जिह्वां पातु सुधाधारः, कण्ठं वै पातु मे बुधः॥ २॥
- स्कन्धौ पातु सुवेषश्च, भुजौ पातु सुधासुतः।
- हृदयं पातु मे सौम्यः, कुक्षिं पातु जितेन्द्रियः॥ ३॥
- नाभिं पातु विधेः पुत्रो, कटिं पातु महाबलः।
- ऊरू पातु महाशान्तिः, जानुनी पातु मे बुधः॥ ४॥
- पादौ पातु महावीर्यः, सर्वाङ्गं पातु मे बुधः।
- सर्वदा सर्वकाले च, सर्वत्र च सदा प्रभुः॥ ५॥
- यः पठेद् बुधकवचं सर्वरोगविनाशनम्।
- सर्वपापप्रशमनं, सर्वदुःखनिवारणम्॥ ६॥
- बुधस्य कृपया नित्यं, बुद्धिर्बलमनुत्तमम्।
- प्राप्तिर्भवति तत्क्षणाच्छुभं सौख्यं च जायते॥ ७॥
इति श्रीब्रह्मवैवर्तपुराणान्तर्गतं
श्रीबुधकवचं सम्पूर्णम्॥

नियमित पाठ से मिलने वाले प्रमुख लाभ
बुद्धि तीव्र होती है
वाणी में मधुरता और प्रभाव आता है
व्यापार और नौकरी में निर्णय सही होने लगते हैं
बच्चों की पढ़ाई और स्मरण शक्ति में सुधार
नकारात्मक विचार और मानसिक भय शांत होते हैं
बुध ग्रह से जुड़े रोगों में सहायक

पाठ करने का श्रेष्ठ समय
बुधवार
सूर्योदय के बाद
हरे वस्त्र या हरे आसन पर बैठकर
कम से कम 1 बार, श्रद्धा से

चाहें तो पाठ से पहले हरे मूंग या हरा फल अर्पित करें।

जो लोग वाणी, बुद्धि या करियर में उलझन महसूस कर रहे हैं — उनके लिए यह कवच अत्यंत उपयोगी है।

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श्री बुध कवचम्
- बुद्धि, वाणी, व्यापार और मानसिक शांति का दिव्य रक्षक



श्रीगणेशाय नमः | श्रीगुरुभ्यो नमः
शास्त्रों में बुध ग्रह को

बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, लेखन, शिक्षा और निर्णय क्षमता का अधिपति माना गया है।