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श्रधा क्या होती है ? ,आपने देखा होगा की जब सर्दी का मौसम होता है तो मानसरोवर झील पूरी बà...
सद्गुरु के वचन: शाश्वत और दिव्य हम साधना चाहते हैं, अंधविश्वास नहीं मुद्दे पà¤...
भगवती धूमावती साधना पूर्व परिचय-- महाविद्या धूमावती उग्रशक्ति हैं । भगवान् शिव à¤...
जानीऐ ..गुरु, आचार्य, पुरोहित,पंडित और पुजारी का फर्क अक्सर लोग पुजारी को पंडितजी या à¤...
परमेष्ठि गुरु परमहंस निखिलेश्वरानन्द जी : एक परिचय (१) Parameshthi Guru Paramhans Nikhileshwaranand Ji: An Introductio...
पूज्यपाद सद्गुरुदेव डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली जी-:निखिलम शरणम :- डॉ. नारायण दत्त श्à...
आप लोगो ने कई बार प्रश्न किया है सद्गुरुदेव कब हिमालय गए ,इसका उत्तर उन्होंने अपनी ...
??गुरु कृपा अनूभव?? सद्गूरूदेव ने ek बार शिविर मे ये कथन कहे थे .... जो मेरा है वो दूर à...
साधना व मंत्र सिद्धि में ध्यान देने योग्य जरुरी बातें Necessary to pay attention to meditation and mantra in fulfillment ...
मंत्र सिद्धि में गुरु की आवश्यकता क्यों होती है ? मंत्र सिद्धि के लिए साधक क...
मंत्र सिद्धि के समय मंत्र जप की सही विधि | मंत्र साधना के नियम शास्त्रों के अनुà...
*प्राचीन भारतीय धार्मिक साहित्य के मुख्य दो भाग हैं:* *श्रुति स्मृति* *श्रुति :**श्रुà¤...
अंधकार से प्रकाश की ओर अंधकार व्यापक है, रोशनी की अपेक्षा| क्योंकि अंधेरा अधिक काल à...
GURUDEV CURES POLIO OF A GIRL : Swami Nikhileshwaranand ( Dr. Narayan dutt Shrimali) In those days, Shrimaliji was staying at Mukund babu Ji s residence in Patna near Frazer road. Mukund babu was a house hold...
NIKHILESHWARANAND LEELA - A Brief insight into life of A Brahmarshi Swami Satchidananda (in Siddhashram ) had only 3 disciples in past thousands of years. such a rigorous examination he used to take ...
गुरु की दृष्टि तो साधक की ओर अखण्ड रुप से है , किन्तु साधक ही गुरु की ओर दृष्टि ...
गुरु पूर्णिमा पर विशेष गुरु पूर्णिमा के दिन न केवल आप अपने गुरु से कृपा पाते हैं à¤...
प्राण क्या है ? प्राण क्या है ? प्राण क्या है ? “प्राचीन भारतीय चिकित्सा शास्तà¥...
अद्वैत सिद्धान्त का तात्पर्य क्या है ? अकेला ब्रह्म या अकेली माया अपने आप में पूर्ण...
Guru Purnima,V.CE 2056-July -1998 ये पत्र गुरूजी ने अपने जाने से पहले ही लिख दिया था ..... जब जब इसको पडà¤...