बगलामुखी संक्षिप्त पूजन--------------------------------सामान्य पूजन सामुग्री जैसे आचमनी पात्र ,हल्दी ,कुमकुम ,चंदन ,अष्टगंध ,अक्षत , फूल , माला ,नैवेद्य ,फल ,दीपक (तेल या घी का ),अगरबत्ती आदि का प्रयोग कर सकते है ..सबसे पहले गुरु ,गणेश इन्हे वंदन करेॐ गुं गुरुभ्यो नम:ॐ श्री गणेशाय नम:ॐ ह्ल्रीं बगलायै नम:फिर आचमन करेह्रीं आत्मतत्वाय स्वाहाह्रीं विद्या तत्वाय स्वाहाह्रीं शिव तत्वाय स्वाहाह्रीं सर्व तत्वाय स्वाहाफिर गुरु स्मरण करे और पुजन के लिये पुष्प अक्षत अर्पण करेॐ श्री गुरुभ्यो नम:ॐ श्री परम गुरुभ्यो नम:ॐ श्री पारमेष्ठी गुरुभ्यो नम:अब आसन पर पुष्प अक्षत अर्पण करेॐ पृथ्वी देव्यै नमःचारो तरफ दिशा बंधन हेतु अक्षत फेकेऔर अपनी शिखा पर दाहिना हाथ रखेफिर दीपक को प्रणाम करेदीप देवताभ्यो नमःकलश में जल डाले और उसमे चन्दन या सुगन्धित द्रव्य डालेकलश देवताभ्यो नमःअ...
बगलामुखी लक्ष्मी प्राप्ति पूजा, बगलामुखी विवाह बाधा निवारण पूजा, बगलामुखी मिर्च हवन, बगलामुखी मंदिर में बगलामुखी अनुष्ठान पुस्तक, बगलामुखी अनुष्ठान Delhi, बगलामुखी, बगलामुखी माता मंदिर नलखेड़ा, बगलामुखी, बगलामुखी, बगलामुखी पूजा, बगलामुखी जयंती 2026 बगलामुखी लक्ष्मी प्राप्ति पूजा-हवन बगलामुखी लक्ष्मी प्राप्ति पूजा देवी बगलामुखी और देवी लक्ष्मी को समर्पित एक पवित्र अनुष्ठान है । इसका उद्देश्य जीवन में धन, समृद्धि और खुशहाली को आकर्षित करना है । इस पूजा को करने से व्यक्ति इन दिव्य देवियों का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं ताकि वे आर्थिक बाधाओं को दूर कर सकें और आर्थिक स्थिरता प्राप्त कर सकें। ऐसा माना जाता है कि जो लोग इसे श्रद्धा और निष्ठा से करते हैं, उन्हें सफलता, धन और समग्र समृद्धि प्राप्त होती है। ऑनलाइन बुकिंग करें डे...
dhumavati Mahavidya Dikshaधूमावती महाविद्या dhumavati Mahavidya (धूमावती महाविद्या): Among 10 Mahavidya Sadhana dhumavati Sadhana Is A High Ranked mahavidya Sadhana, The Literature Of Which Is Hardly Available. The Persons Who Accomplish Dhumavati Are Too Less. This Mahavidya Is Said To Be A Great Demolisher Of Enemies. This dhumavati Mahavidya Sadhana Is Observed For The Demolition Of Enemies Only. अनुक्तकल्पे यन्त्रं तु लिखेत पद्दद्लाष्टकम् ।षट्कोण-कर्णिक तत्र वेदद्वारोपशोभितम् ॥ there Are Many Practises Of The Sadhana Of This Mahavidya. Charpat Bhanjan Sadhak Is Said To Be The Highest Ranked Sadhak Among Them. Charpat Bhanjan Is Also Called Charpatnath Or Charpatinath. In His Life Charpatnath Practised A Lot On Dhumavati Sadhana. He Was The Person Who Sainted The Spell Of Dhumavati Mahavidya. He Could Win The Period And It Is Also Said That He Could Change Himself To Any Element Whether It Is Huge Or Fine Like Human, Birds And Animal Etc. about 750 To 800 Years Ago This Sadhak, To Change The Concept, Wrote Some Texts In Which Mystry Of dhumavati Mahavidya, Dhumawatisaparya, And Dhumawati Pooja Are Included. In Secret Tantric Monasteries, Those Books Are Preserved. But The Systems Are Extinct Which Cannot Be Seen In Public. method Of Dhumavati Mahavidya Sadhana: for The Accomplishment Of Dhumvati Sainted dhumavati Yantra And Dhumavati Rosary Are Required. After Collecting Those On Saturday Evening Or Sunday Evening Between 7 Pm To 12 Midnight Take Bath, Wear A Black Dhoti And Seat On The West Side On A Woollen Mat And Before You Keep A Wooden Stool Covered With A Black Cloth And Place An Image Of Dhumavati On That. Take A Platter And ...
श्रीप्रत्यंगिरा_स्तोत्र!! श्री प्रत्यंगिरा स्तोत्र, Shri Pratyangira Stotra Mantra Sadhana Diksha इस के प्रतिदिन पाठ से सभी प्रकार के दोष शांत हो जाते हैं। जैसे नवग्रहदोष भूतप्रेतदोष-किसी ने अगर कुछ किया हो तो वो भी दोष दूर हो जाता है-सभी प्रकार की बाधाएं शांत हो जाती हैं।इस स्तोत्र का विशेष और शीघ्र फल प्राप्त करने के लिए इसका रात्रि काल में 10 दिनों तक 100 पाठ करें पश्चात नित्य 5 पाठ करने से सभी कामना पूर्ण हो जाती हैं।ॐ ह्रीं प्रत्यङ्गिरायै नमः।प्रत्यङ्गिरे अग्निं स्तम्भय जलं स्तम्भय सर्वजीव स्तम्भय सर्वकृत्यां स्तम्भय सर्वरोग स्तम्भय सर्वजन स्तम्भयऐं ह्रीं क्लीं प्रत्यङ्गिरे सकल मनोरथान साधय साधय देवी तुभ्यं नमः।ॐ क्रीं ह्रीं महायोगिनी गौरी हुम् फट स्वाहा।ॐ कृष्णवसन शतसहस्त्रकोटि वदन सिंहवाहिनी परमन्त्र परतन्त्र स्फोटनी सर्वदुष्टान् भ...
विनियोगदाहिने हाथ में जल लेकर निम्न संदर्भ का उच्चारण करें -अस्याः श्री ब्रह्मास्त्र विद्या बगलामुख्या नारद ऋषये नमः शिरसि । त्रिष्टुप् छन्दसे नमो मुखे। श्री बगलामुखी देवतायै नमो हृदये। ह्रीं बीजाय नमो गुह्ये। स्वाहा शक्तये नमः पादयोः।ॐ नमः सर्वांगे श्री बगलामुखी-देवता-प्रसाद सिद्धयर्थे न्यासे विनियोगः ।।आवाहनॐ ऐं ह्रीं श्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां मुख स्तम्भिनि सकल-मनोहारिणि अम्बिके इहागच्छ सन्निधिं कुरु सर्वार्थ साधय साधय स्वाहा।।ध्यानॐ सौवर्णासनसंस्थितां त्रिनयनां पीतांशुको ल्लासिनीं हेमाभांगरुचिं शशांकमुकुटा सच्चम्पकस्रग्युताम् । हस्तैर्मुद्गरपाशवज रशनाः संविभ्भ्रतीं भूषणै। व्र्व्याप्तागीं बगलामुखीं त्रिजगतां संस्तम्भिनीं चिन्तयेत् ।।१० मंत्रॐ ह्रीं बगलामुखि, सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाश...
किसी भी शनिवार को काली मिर्च, काला सरसो और काले तिल, घी लें। नीचे दिए गए मंत्र की अग्नि में 11 माला आहुति दें। तब हमारे प्रति शत्रुता रखने वाले लोग भी हमारे पक्ष में कार्य करने लगेंगे। Shatru vasheekaran prayog मंत्र:shatru vasheekaran prayog ॐ ह्रीं गं ह्रीं वशमानाय स्वाहा अगले दिन यज्ञ कुंड से सारी राख निकालकर नदी में विसर्जन कर दें। ...
बगलामुखी साधना माँ भगवती बगलामुखी जयन्ती निकट ही है। इस बार माँ भगवती बगलामुखी जयन्ती ३ मई २०१७ को आ रही है। आप सभी को माँ भगवती बगलामुखी जयन्ती की अग्रिम रूप से ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएँ। शाक्त सम्प्रदाय के तन्त्र ग्रन्थों में दस महाविद्याओं की उपासना का विस्तृत रूप से वर्णन किया गया है। ये महाविद्याएँ सिद्ध मानी गयी हैं। इनके मन्त्र स्वतः सिद्ध हैं। इनका जप पुरश्चरण करके साधक सब कुछ प्राप्त कर सकता है। दस महाविद्याओं में अष्टम् महाविद्या बगलामुखी है। बगलामुखी महाविद्या दस महाविद्याओं में से एक है। तन्त्र शास्त्र में इन्हें ब्रह्मास्त्र विद्या, षट्कर्माधार विद्या, स्तम्भिनी विद्या, त्रैलोक्य स्तम्भिनी विद्या, मन्त्र स...
Baglamukhi Mahavidya Sadhnaबगलामुखी महाविद्या साधना Method of Baglamukhi Mahavidya Sadhna (बगलामुखी महाविद्या साधना): Start this Baglamukhi Mahavidya Sadhna on Navratri or on any Sunday. For this the Sadhak should take bath at about quarter past 9 pm and wear yellow dress. Sit on the ground facing east. Put a wooden stool covered with yellow cloth. Take a platter and make a Hexagon by turmeric and fill it with yellow muster and keep the sainted Bagalamukhi Yantra on it. Burn the cow milk ghee lamp and as per the rules do the resolution and then take water on the right palm and perform appropriation: ॐ अस्य श्रीबगलामुखी महामंत्रस्य नारद ऋषि: त्रिष्टुप् छन्द: श्रीबगलामुखी देवता ह्रीं बीजं स्वाहा शक्ति: ह्लरीं कीलकं मम श्रीबगलामुखी प्रीत्यर्थे जपे विनियोग:। Pledge to the sages: Take water on the left palm and join all the five fingers of right hand pour the fingers into the water and touch different parts of the body feeling that all your body parts are being sanctified and scrumptious. This Baglamukhi Mahavidya Sadhna will empower the body parts and makes sensible. नारद ऋषये नम: शिरसि (सर को स्पर्श करें)त्रिष्टुप छन्दसे नम: मुखे (मुख को स्पर्श करें)श्रीबगलामुखीदे...
Baglamukhi Mahavidya Sadhnaबगलामुखी महाविद्या साधना Method of Baglamukhi Mahavidya Sadhna (बगलामुखी महाविद्या साधना): Start this Baglamukhi Mahavidya Sadhna on Navratri or on any Sunday. For this the Sadhak should take bath at about quarter past 9 pm and wear yellow dress. Sit on the ground facing east. Put a wooden stool covered with yellow cloth. Take a platter and make a Hexagon by turmeric and fill it with yellow muster and keep the sainted Bagalamukhi Yantra on it. Burn the cow milk ghee lamp and as per the rules do the resolution and then take water on the right palm and perform appropriation: ॐ अस्य श्रीबगलामुखी महामंत्रस्य नारद ऋषि: त्रिष्टुप् छन्द: श्रीबगलामुखी देवता ह्रीं बीजं स्वाहा शक्ति: ह्लरीं कीलकं मम श्रीबगलामुखी प्रीत्यर्थे जपे विनियोग:। Pledge to the sages: Take water on the left palm and join all the five fingers of right hand pour the fingers into the water and touch different parts of the body feeling that all your body parts are being sanctified and scrumptious. This Baglamukhi Mahavidya Sadhna will empower the body parts and makes sensible. नारद ऋषये नम: शिरसि (सर को स्पर्श करें)त्रिष्टुप छन्दसे नम: मुखे (मुख को स्पर्श करें)श्रीबगलामुखीदे...
#बगलामुखी साधना मंत्र बगलामुखी● ...
BaglaMukhi Aarti -Online Puja त्राहि माम् बगलामुखी।। जय प्रकृति-पुरूषात्मक-जगत-कारण-करणि आनन्दिनी। विद्या-अविद्या, सादि-कादि, अनादि ब्रह्म-स्वरूपिणी।। ऐश्वर्य-आत्मा-भाव-अष्टम, अंग परमात्मा सखी। शरणागतो-अहं त्राहि माम्, मां त्राहि माम् बगलामुखी।। जय पंच-प्राण-प्रदा-मुदा, अज्ञान-ब्रह्म-प्रकाशिका। संज्ञान-धृति-अज्ञान-मति-विज्ञान-शक्तिविधायिका ।। जय सप्त-व्याहृति-रूप, ब्रह्म विभू ति शशी-मुखी । शरणागतो अहं त्राहि माम्, मां त्राहि माम् बगलामुखी।। आपत्ति-अम्बुधि अगम अम्ब! अनाथ आश्रयहीन मैं। पतवार श्वास-प्रश्वास क्षीण, सुषुप्त तन-मन दीन मैं।। षड्-रिपु-तरंगित पंच-विष-नद, पंच-भय-भीता दुखी। शरणागतो अहं त्राहि माम्, मां त्राहि माम् बगलामुखी।। जय परमज्योतिर्मय शुभम् , ज्योति परा अपरा परा। नैका, एका, अनजा, अजा, मन...
BaglaMukhi Chalisa ॥ दोहा ॥ सिर नवाइ बगलामुखी, लिखूं चालीसा आज, कृपा करहु मोपर सदा, पूरन हो मम काज॥ ॥ चौपाई ॥ १) जय जय जय श्री बगला माता, आदिशक्ति सब जग की त्राता॥ २) बगला सम तब आनन माता, एहि ते भयउ नाम विख्याता॥ ३) शशि ललाट कुण्डल छवि न्यारी, असतुति करहिं देव नर-नारी॥ ४) पीतवसन तन पर तव राजै, हाथहिं मुद्गर गदा विराजै॥ ५) तीन नयन गल चम्पक माला, अमित तेज प्रकटत है भाला॥ ६) रत्न-जटित सिंहासन सोहै, शोभा निरखि सकल जन मोहै॥ ७) आसन पीतवर्ण महारानी, भक्तन की तुम हो वरदानी॥ ८) ...
BaglaMukhi Pratyangira Kavach बगलामुखी प्रत्यंगिरा कवच इस कवच के पाठ से वायु भी स्थिर हो जाती है। शत्रु का विलय हो जाता है। विद्वेषण, आकर्षण, उच्चाटन, मारण तथा शत्रु का स्तम्भन भी इस कवच के पढ़ने से होता है। बगला प्रत्यंगिरा सर्व दुष्टों का नाश करने वाली, सभी दुःखो को हरने वाली, पापों का नाश करने वाली, सभी शरणागतों का हित करने वाली, भोग, मोक्ष, राज्य और सौभाग्य प्रदायिनी तथा नवग्रहों के दोषों को दूर करने वाली हैं। जो साधक इस कवच का पाठ तीनों समय अथवा एक समय भी स्थिर मन से करता है, उसके लिए यह कल्पवृक्ष के समान है और तीनों लोकों में उसके लिए कुछ भी दुर्लभ नहीं है। साधक जिसकी ओर भरपूर दृष्टि से देख ले, अथवा हाथ से किसी को छू भर दे, वही मनुष्य दासतुल्य हो जाता है। इस कवच के पाठ से भयंकर से भयंकर तं...
BaglaMukhi Kavach बगलामुखी कवच -: मां बगलामुखी के साधक को प्रतिदिन जाप प्रारम्भ करने से पहले इस कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए । यदि हो सके तो सुबह दोपहर शाम तीनों समय इसका पाठ करें । यह कवच विश्वसारोद्धार तन्त्र से लिया गया है। पार्वती जी के द्वारा भगवान शिव से पूछे जाने पर भगवती बगला के कवच के विषय में प्रभु वर्णन करते हैं कि देवी बगला शत्रुओं के कुल के लिये जंगल में लगी अग्नि के समान हैं। वे साम्रज्य देने वाली और मुक्ति प्रदान करने वाली हैं। बगलामुखी कवच पढ़ने के लाभ भगवती बगलामुखी कवच के पाठ से अपुत्र को धीर, वीर और शतायुष पुत्र की प्राप्ति होति है और निर्धन को धन प्राप्त होता है। ...
बगुलामुखी हवन यज्ञ BaglaMukhi Hawan मंत्र जाप लक्ष्य बनाकर किया जाए तो उसका दशांश होम करना चाहिए। जिसमें चने की दाल, तिल एवं शुद्ध घी का प्रयोग होना चाहिए एवं समिधा में आम की सूखी लकड़ी या पीपल की लकड़ी का भी प्रयोग कर सकते हैं। मंत्र जाप पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर के करना चा...
बगुलामुखी मंदार मंत्र धन प्राप्ति BaglaMukhi Mandar Mantra-Prosperity बगलामुखी भक्त मंदार मंत्र जप के लाभ – भगवती बगलामुखी की उपासना कलियुग में सभी कष्टों एवं दुखों से मुक्ति प्रदान करने वाली है। संसार में कोई कष्ट अथवा दुख ऐसा नही है जो भगवती पीताम्बरा की सेवा एवं उपासना से दूर ना हो सकता हो, बस साधकों को चाहिए कि धैर्य पूर्वक प्रतिक्षण भगवती की सेवा करते रहें। भगवती बगलामुखी का यह भक्त मंदार मंत्र साधकों की हर मनोकामनां पूर्णं करने वाला है। इस मंत्र का विशेष प्रभाव यह है कि इसे करने वाले साधक को कभी भी धन का अभाव न...
बगलामुखी बीज मंत्र BaglaMukhi Seed Mantra बगलामुखी बीज मंत्र साधना विधि भगवती बगलामुखी ( पीताम्बरा ) के इस मंत्र को महामंत्र को भगवती बगलामुखी की उपासना करने वाले साधक के सभी कार्य बिना व्यक्त किये ही पूर्ण हो जाते हैं और जीवन की हर बाधा को वो हंसते हंसते पार कर जाते हैं। भगवती पीताम्बरा अपने भक्तों के ऊपर ऐसे ही कृपा करती हैं। कई लोग जो बग...
बगलामुखी मंत्र साधना यह विद्या शत्रु का नाश करने में अद्भुत है, वहीं कोर्ट, कचहरी में, वाद-विवाद में भी विजय दिलाने में सक्षम है। इसकी साधना करने वाला साधक सर्वशक्ति सम्पन्न हो जाता है। इस साधना में विशेष सावधानियाँ रखने की आवश्यकता होती है जिसे हम यहाँ पर देना उचित समझते हैं। इस साधना को करने वाला साधक पूर्ण रूप से शुद्ध होकर (तन, मन, वचन) एक निश्चित समय पर पीले वस्त्र पहनकर व पीला आसन बिछाकर, पीले पुष्पों का प्रय...
बगलामुखी षोडशोपचार पूजन BaglaMukhi Puja बगलामुखी षोडशोपचार पूजन मंत्र एवं विधि शास्त्रों में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने हेतु उपासना-विधियों में सर्वोत्तम उपासना-विधि उनके षोडशोपचार पूजन को माना गया है। षोडशोपचार पूजन का अर्थ होता है – सोलह उपचारों से पूजन करना। सोलह उपचार निम्नवत् कहे गए हैं। (1) आवाहन (2) आसन (3) पाद्य (4) अर्घ्य (5) स्नान (6) वस्त्र (7) यज्ञोपवीत (सौभाग...
Showing page 1 of 1 (19 total news)