प्रेम जीवन में मधुरता और सफलता पाने का दिव्य शुक्र उपाय divine Venus Remedy To Get Sweetness And Success In Love Lifeकभी-कभी जीवन में सब कुछ होते हुए भी प्रेम में दूरी, गलतफहमियाँ या संबंधों में ठंडापन आ जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका एक प्रमुख कारण कुंडली में कमजोर या पीड़ित शुक्र ग्रह भी हो सकता है।शुक्र ग्रह केवल भौतिक सुख और वैभव का ही कारक नहीं है, बल्कि यह प्रेम, आकर्षण, सौंदर्य, संबंधों की मधुरता और दांपत्य सुख का भी अधिपति माना जाता है। जब शुक्र अनुकूल होता है, तो जीवन में प्रेम स्वतः खिलने लगता है, जैसे सूखी धरती पर पहली वर्षा। ...
Saundaryottama Apsara Prayog/sadhana The Saundaryottama Apsara Prayog/sadhana (सौन्दर्योत्तमा अप्सरा साधना) Is A Hindu Spiritual Practice Aimed At Invoking The Celestial Nymph Saundaryottama Apsara To Gain Benefits Related To Beauty, Youthfulness, Attraction, Wealth, And General Prosperity. She Is Described As An Extremely Beautiful And Powerful Apsara From Indra's Court. Benefits Of The Sadhana practitioners Seek Various Physical, Emotional, And Material Gains Through This Practice: Enhanced Appearance: The Sadhak's (practitioner's) Face And Body Are Said To Become More Attractive And Radiant, Drawing Positive Attention From Others. Youth And Vitality: The Sadhana Is Associated With Eternal Youth And Freedom From The Effects Of Aging. Success In Arts: It Is Considered Beneficial For Those Seeking Success In Fields Like Acting, Art, And Public Speaking. Material Gains: The Practice Can Lead To Economic Growth, Prosperity, And The Removal Of Debt. Harmonious Relationships: It Is Believed To Help Find A Suitable Life Partner And Remove Tension From Marital And Social Life. Mantra And Procedure The Specific Mantra And Procedure Often Require Initiation From A Qualified Guru, As Is Common With Many Specific Tantric Or Vedic Sadhanas, To Ensure Proper Guidance And Results. [7] A Common Mantra Associated With This Specific Apsara Is:"om Hreem Hreem Saundaryottama Apsara Purna Siddhaye Hreem Hre...
ॐ ऊ मं रं का स्वं सुं मं पं स्व र ध कुं कं आं यों उं प्रत्यक्ष सिद्धं दर्शय वश्य फट् Nabhi Apsara Sadhana ...
उर्वशी साधना - सौन्दर्य, सुख प्रेम की पूर्णता हेतु रम्भा, उर्वशी और मेनका तो देवताओं की अप्सराएं रही हैं, और प्रत्येक देवता इन्हे प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील रहा है। यदि इन अप्सराओं को देवता प्राप्त करने के लिए इच्छुक रहे हैं, तो मनुष्य भी इन्हे प्रेमिका रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इस साधना को सिद्ध करने में कोई दोष या हानि नहीं है तथा जब अप्सराओं में श्रेष्ठ उर्वशी सिद्ध होकर वश में आ जाती है, तो वह प्रेमिका की तरह मनोरंजन करती है, तथा संसार की दुर्लभ वस्तुएं और पदार्थ भेट स्वरुप लाकर देती है। जीवन भर यह अप्सरा साधक के अनुकूल बनी रहती है, वास्तव में ही यह साधना जीवन की श्रेष्ठ एवं मधुर साधना है तथा प्रत्येक साधक को इस सिद्धि के लिए प्रयत्नशील होना चाहिए। साधना ...
?ग्रह, वास्तु, अरिष्ट शांति का सरल उपाय – विष्णुसहस्रनाम? ?'विष्णुसहस्रनाम स्तोत्र' विधिवत अनुष्ठान करने से सभी ग्रह, नक्षत्र, वास्तु दोषों की शांति होती है । विद्याप्राप्ति, स्वास्थ्य एवं नौकरी-व्यवसाय में खूब लाभ होता है । कोर्ट-कचहरी तथा अन्य शत्रुपीड़ा की समस्याओं में भी खूब लाभ होता है । इस अनुष्ठान को करके गर्भाधान करने पर घर में पुण्यात्माएँ आती हैं । सगर्भावस्था के दौरान पति-पत्नी तथा कुटुम्बीजनों को इसका पाठ करना चाहिए । ?अनुष्ठान-विधिः सर्वप्रथम एक चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाएँ । उस पर थोड़े चावल रख दें । उसके ऊपर ताँबे का छोटा कलश पानी भर के रखें । उसमें कमल का फूल रखें । कमल का फूल बिल्कुल ही अनुपलब्ध हो तो उसमें अडूसे का फूल रखें । कलश के समीप एक फल रखें । तत्पश्चात ताँबे के कलश पर मानसिक रूप से चारों वेदों की स्थापना कर 'विष्णुसहस्रनाम' स्तोत्र का सात बार पाठ सम्भव ...
अर्पणा अप्सरा साधना @परिचय अपसरा साधना स्पष्ट शब्दो मेँ यह काम भावना की साधना है। अप्सरा का अर्थ एसी देवी वर्ग से है जो सौंदर्य की द्रष्टि से अनुपमेय हो। मुख की सुन्दरता के साथ साथ देह व वाणी सौँन्दर्य न्रत्य संगीत काव्य-हास्य-विनोद सभी प्रकार के सौंदर्योँ से भरपूर हो।जिसे देख कर मन मोहित हो काम स्फुरन आरंम्भ हो जाए @कुंकुमपंअकलंकितदेहा गौरपयोधरकपम्पितहारा। नूपूरहंसरणत्पदपदूमाकं नवशीकुरुते भुविरामा॥ @अर्थ-जिसका शरीर केसर के उबटन से सुन्दर बना हुआ है, जिसके गुलाबी स्तनोँ पर मोती का हार झूल रहा है चरण कमल मे नुपूर रुपी हंस शब्द करतेँ हो। एसी लोकोत्तर सुन्दरी किसे अपने वश मे नहि कर सकती। @आवश्यक सामग्री- गुलाबजल,गुलाब का इत्र, अप्सरा का चित्र,दीपक, शुद्ध घी या चमेली का तेल, एक बेजोट,कोरा श्वेत वस्त्र केसर दो गुलाब के फूल,शंख की माला, श्वेत या कंबल का आसन, ...
लीलावती साधना करने से जीवन मेँ प्रेम सौँदर्य रस और अंनद प्राप्त होता है।कितने ही रुषि राजा तंत्रिक वेदिक कल से ए साधना करते आ रहे है।लीलावती अप्सरा साधना प्रमिका रुप मेँ सिद्धी किया जाता है।सिद्धी मिलने पर लीलावती अप्सरा प्रतक्ष रुप मे दर्शन देती है और हर मोनकामना पुर्ण करती है।सिद्धी प्राप्ति के बाद साधक का मुख देखने मे काम देव समान सुंदर देखने लगता है। हर सुख मिलाता है ।सिद्धी के बाद चाहे नौकरी पैसा या घर कुछ भी हो लीलावती अप्सरा साधक का कामना कुछ ही समय मेँ पुर्ण कर देती है।साधना रात मेँ 10 बजे से करना है।स्नान करके सुंदर हलदी रंग का कापडा परिधान करके उत्तर मुखी हो कर बैठना है।धुप दिप जालाकर स्थान को पवित्र करना है।पहले दिन जीस स्थान पर साधना आरंभ कर दिया बस उस स्थान पर प्रतिदिन साधना कारना है।स्थान परिवर्तन ना करे वरना सिद्धी नही मिलेगा। स्फटिक माला से प्रतिदिन 21 माला जाप करन...
अप्सरा साधना के कुछ टिप्स अप्सरा साधने में सफलता के लिए कुछ टिप्स देने का प्रॉमिस किया था सोचा अभी कर दूं क्यूंकि जल्दी ही मुझे अपनी साधना भी करनी है फिर इतने दिनों तक किसी से बात नहीं हो पाएगी ... सबसे पहली बात की अप्सरा साधना किसे नहीं करनी चाहिए ??? 1. वो लोग जो सोचते हैं की पांच , सात यां 21 दिन की ही तो बात है उसके बाद तो अप्सरा ने आ ही जाना है गुलाबों की माला लेके ....तो भाई इन ख्याल वाले लोगों को इसमें प्रवृत नहीं होना चाहिए क्यूंकि प्रारंभ में इसमें महीने यां एक दो वर्ष भी लग सकते हैं ..मायूसी में बीच में साधना छोडनी पड़ जाये इससे बढ़िया है शुरू ही न करें . 2. वो लोग जो सोचते हैं की एक बार अप्सरा सिद्ध होने की बात है उसके बाद तो aपने सारे काम वोही कर दिया करेगी तो वो भी इसको न करें क्यूंकि ऐसा होता तो है लेकिन सिध्ह होने के बाद लेकिन उसमे कितना समय लगेगा इसमें कई बातें सामने आती ह...
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