Gurudev Dr. Narayan Dutt Shrimali

Vachan Siddhee Saadhana, वचन सिद्धी साधना, Siddhi Words Sadhana

Vachan Siddhee Saadhana, वचन सिद्धी साधना, Siddhi Words Sadhana


वचन सिद्धी साधना

"वचन सिद्धि साधना" (vachan Siddhi Sadhana) का अर्थ है ऐसी साधना जिसके द्वारा व्यक्ति की वाणी में शक्ति और प्रभाव आ जाए, यानी जो बोले वह सच हो

यह वाणी सिद्धि का ही एक रूप है। इस साधना को प्राप्त करने के लिए विशेष मंत्रों का जाप, ध्यान और प्राणायाम किया जाता है। साधना के दौरान विशेष नियमों और मुहूर्त का पालन करना पड़ता है, जैसे रात 9 बजे के बाद साधना करना और उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना।


जो बोलेगे वह सत्य होगा क्युके वचन सिद्धी एक प्रकार की वाणी सिद्धी हि है और बहोत समय बाद यह साधना करने का मुहूर्त आया है.कल से साधना प्रारंभ करना है,माला रुद्राक्ष का हो,आसन वस्त्र कोई भी चलेगे परंतु लाल रंग के रहे तो ठिक है,दिशा उत्तर के तरफ़ मुख हो जाप के समय.साधना रात्री मे 9 बजे के बाद करे.


मंत्र:-

ll काली काली महाकाली,इंद्र की बेटी ब्रम्हा की साली,तीन सौ पैसठ काम श्री राजा रामचंद्र के,लंका नाशय के मेरी बाचा सिद्ध करके लावे तो सच्ची काली महाकाली कहावे,मेरी भक्ति गुरू की शक्ती,फुरो मंत्र ईश्वरीय वाचा Ll

विधि:-

एक पान का बिडा सिर्फ शनिवार के रात मे महाकाली को चढाये बाकी दिन नही और साथ मे एक नारियल,चढाइ हुयी सामग्री दूसरे दिन सुबह निर्जन स्थान पर रखे.मंत्र को 108 बार पढके एक ग्लास पानी मे 3 फुंक लगाकर 11 दिन पिये और ग्यारहवा दिन अमावस्या होना चाहिये.कल से 11 वा दिन अमावस्या है इसलिये यह साधना महत्वपूर्ण है.


वचन सिद्धि साधना के लाभ
  • बोलने की कला में सुधार: वाणी में प्रभाव और स्पष्टता आती है।
  • प्रभावशाली भाषण: भाषण स्पष्ट और प्रभावशाली होता है।
  • प्रेरणादायक वाणी: बोलने से दूसरों को प्रेरणा मिलती है।
  • वाक् शक्ति में वृद्धि: विचारों को सही ढंग से व्यक्त करने की क्षमता बढ़ती है।
  • सम्मान और प्रतिष्ठा: वाणी का महत्व बढ़ता है और सम्मान मिलता है।
  • आत्मविश्वास में वृद्धि: अपने शब्दों पर भरोसा बढ़ता है। 
 
साधना के नियम
  • मंत्र: "ॐ वाक्सिद्धाय नमः" या "श्री सरस्वत्यै नमः" जैसे विशेष मंत्रों का जाप करना।
  • मुहूर्त: साधना के लिए एक विशेष मुहूर्त का पालन करना होता है।
  • समय: साधना रात्रि के 9 बजे के बाद करें।
  • दिशा: जाप के समय मुख उत्तर दिशा की ओर रखें।
  • वस्त्र/आसन: लाल रंग के वस्त्र और आसन लाभकारी होते हैं।
  • माला: रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें।
  • समर्पण: साधना के दौरान महाकाली को पान का बीड़ा और नारियल अर्पित करें (केवल शनिवार को)।
  • प्रयोग: मंत्र का जाप करके 11 दिनों तक पानी में फूंक मारकर पीना और ग्यारहवें दिन अमावस्या का होना आवश्यक है। 

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