मंगलवार को अष्टधातु का कड़ा बनवायें
शनिवार को घर ले आयें।
फिर शनिवार को ही एक कच्चा नारियल और वह कड़ा हनुमान जी के मंदिर में जाकर हनुमान जी के विग्रह के सामने रखकर पूर्ण मनोभाव से हनुमान चालीसा का पाठ करें ।
अपने मनोकामना या रोग मुक्ति की प्रार्थना करें ।
फिर हनुमत् विग्रह से थोड़ा या सिंदूर लेकर कड़े पर व अपने ललाट पर लगा कर अपने दाहिने हाथ में पहन लें ।
यह कड़ा बहुत महत्वपूर्ण है ।
यह हनुमान जी आशीर्वादात्मक प्रभाव युक्त है ।
जीवन में चाहे कितनी कठिन बीमारी या रोग क्यों न हो वह धीरे धीरे दूर होता ही है ।
और सही दवा और माहौल स्वत: ही बन जाता है ।
लेकिन इस में आचरण और खान पान शुद्ध रखना जरूरी है ।
साथ ही यह भी जरूरी है कि ११ मंगलवार के भीतर हनुमान चालीसा के कम से कम १०० पाठ पूरे कर लेने चाहिये ।
यह प्रयोग अनुभूत है ।