
1- अगर किसी पर भूत या प्रेत सवार हो गया हो तो निम्न उल्लेखित टोटका मंत्र को 1०1 बार पढ़कर झाड़ा दें। इस पर प्रयोग से भूत भाग जाएगा। ऊॅँ नमो भगवते उड्डामरेश्वराय कुहुनी कुर्वती स्वाहा।। 2- काली सरसो, सर्प की केचुली, काले बकरे का दायां सींग, नीम के पत्ते, बच, अपामार्ग के पत्ते और गुग्गल इन सको कूट पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। जब कोई रोगी प्रेतादि बाधा से पीड़ित हो तो जलते हुए गाय के कंडे के ऊपर उक्त चूर्ण डाल दें। उसकी धूनी रोगी को दें। रोगी उस पीड़ा से मुक्त हो जाएगा। 3- गोरखमुंडी, गोखरू और बिनौला इन तीनों को गाय के मूत्र में पीसकर रोगी को इसका धूआं दें। उस पर सवार पिशाच तुरन्त ही भाग खड़ा जाएगा। 4- खस, चंदन, कांगनी, नागर, कूट और लाल चंदन इन सबको मिलाकर लेप बनाएं। यह लेप हर प्रकार की भूत बाधा को दूर करता है। 5- किसी को यदि प्रेत सताता हो तो शनिवार के दिन काले धतूरे की जड़ लाकर रोगी की दाहिनी भुजा में बांध दें। प्रेत उसे सताना छोड़ देगा। अगर रोगी स्त्री हो तो धतूरे की जड़ को बायीं भुजा में बांधना चाहिए। 6- इंद्रवारुणी का पका फल, कमलगट्टा और काली मिर्च को गाय के मूत्र में पीसकर नस्य लेने से ब्रह्म राक्षस, भूत आदि की बाध दूर होती है। https://ia902906.us.archive.org/1/items/in.ernet.dli.2015.550989/2015.550989.mantra-tantra.pdf
