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अतिविशिष्ट श्री विश्वगुरु महाशताक्षरी महामंत्र biswguru mantra mahashtakshri अतिविशिष्ट श्री विश्वगुरु महाशताक्षरी महामंत्र biswguru mantra mahashtakshri

MTYV Sadhana Kendra -
Friday 9th of December 2016 09:44:43 AM


अतिविशिष्ट श्री "विश्वगुरु" महाशताक्षरी महामंत्र :

|| ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं श्रीं क्रीं क्रीं क्रीं ऐं क्लीं सौः हंस: सोsहं नमो भगवते जगन्नाथाय आं आं आं ईं ईं ईं सर्वकारणकारणाय हं ग्लौं ह्रीं ॐ ह्रौं महामंत्रराजरूपाय श्रीमहाभैरवी चक्राधीश्वराय हसक्षमलवरयूं सहक्षमलवरयीं क्ष्रों क्ष्रों क्ष्रों कएईलह्रीं हसकहलह्रीं सकलह्रीं हसकरीं ह्लीं ह्लीं ह्लीं हंस: सोsहं ॐ महाज्वालामालिने त्रिगुणात्मकाय परमगुरवे महापुरुषाय नमः ||

-- गुप्तावतार बाबा श्री जी की कृपा से यह महामंत्र विश्व को प्राप्त हुआ है।

प्रयोग विधि : अपने गुरु या उनकी "प्राण-प्रतिष्ठित" छवि के नेत्रों का दर्शन करते हुए, अपने आप में पूर्ण त्राटक-भाव से गुरु के नेत्रों से मानसिक शक्तिपात ग्रहण करते हुए नित्य त्रिकाल संध्याकाल में इस महामंत्र का अनुसंधान करें ।


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