प्राण क्या है ?
प्राण क्या है ? “प्राचीन भारतीय चिकित्सा शास्त्रों के अनुसार— ‘मानव–शरीर को संचालित करने वाली शक्ति, जो मनुष्य की जीवनी शक्ति है, उसे योगियों ने “प्राण” कहा है, जो शरीर में अनवरत रूप में प्रवाहित है, जब इस प्रवाह प्रक्रिया में कोई अवरोध उत्पन्न होता हैं, तब व्यक्ति रोगग्रस्त हो जाता है ।’
सद्गुरुदेव डा. नारायण दत्त श्रीमाली
कुण्डलिनी यात्रा ः मुलाधार से सहस्रार तक, पृ. १९५