Navgraha Shanti and Mahalakshmi-Tara Mahavidya Sadhana
यहाँ आचार्य प्रताप नारायण जी के विचारों और माँ तारा के विषय पर आधारित एक सुव्यवस्थित और विस्तृत लेख दिया गया है।
मनुष्य का स्वभाव है कि जब उसे अपने कर्मों की सिद्धि प्राप्त नहीं होती, तो वह अक्सर भगवान, अपने गुरु या कभी-कभी स्वयं से ही निराश और नाराज हो जाता है। असफलता मिलने पर व्यक्ति दूसरों पर दोष मढ़ता है, परंतु अपने बुरे कर्मों और दुर्भाग्य को नष्ट करने के लिए सही दिशा में प्रयत्न नहीं करता।
गुरु मार्ग दिखाते हैं, परंतु मनुष्य की बुद्धि अक्सर प्रारब्ध और अहंकार के चक्र में फँसी रहती है। यह सोचना कि "मेरे बिना यह दुनिया नहीं चलेगी" या "मेरी वजह से किसी का पेट भर रहा है", मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण है। वास्तविकता यह है कि यह जीवन एक रंगमंच है और हम सभी केवल एक स्वप्न के समान अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
सफलता प्राप्त करने के लिए मनुष्य को अपने 'लॉस' (नुकसान) को स्वीकार करना पड़ता है, गुरु के बताए मार्ग पर चलना पड़ता है और अपनी पूरी क्षमता के साथ साधना करनी पड़ती है।
सुख और दुख, धूप और छाँव की तरह हैं। जब तक आप संघर्ष नहीं करेंगे, दुनिया की वास्तविकता से नहीं टकराएंगे, तब तक आपकी वास्तविक शक्ति और भक्ति की परख नहीं हो सकती।
जब कोई साधक यह पूछता है कि "इस छोटी सी जिंदगी में हवन या पूजा-पाठ से क्या होगा?", तो इसका उत्तर माँ तारा के उस अनुपम उदाहरण में छिपा है जो करुणा, ज्ञान और चेतना का प्रतीक है।
पौराणिक कथा: समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला, तो सृष्टि को बचाने के लिए भगवान शिव ने उस विष का पान कर लिया। विष की तीव्र ज्वाला से महादेव का शरीर तपने लगा। ऐसे में, जब उनकी पीड़ा हरने वाला कोई नहीं था, तब भगवती उमा ने माँ तारा का रूप धारण किया। उन्होंने भगवान शिव को एक छोटे बालक के रूप में अपनी गोद में लिया और उन्हें स्तनपान कराकर विष के प्रभाव से मुक्त किया। जहाँ भगवान शिव के केवल कंठ में विष का प्रभाव (नीलकंठ) दिखता है, वहीं करुणा की देवी माँ तारा का संपूर्ण स्वरूप ही विषपान से युक्त और नीला वर्ण हो गया।
माँ तारा (दूसरी महाविद्या) की साधना और हवन से साधक के जीवन में अद्भुत परिवर्तन आते हैं:
नवग्रह शांति एवं महालक्ष्मी-तारा महाविद्या साधना
तंत्र बाधा निवारण, धन-समृद्धि प्राप्ति और जीवन में ऊर्जा के संतुलन हेतु एक विशेष महा-अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी सपरिवार एवं इष्टमित्रों सहित सादर आमंत्रित हैं।
| नवग्रह शांति हवन | दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ | ग्रह दोषों का निवारण |
| 10 महाविद्या तारा एवं महालक्ष्मी हवन | सायं 5:44 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक | तंत्र बाधा निवारण व लक्ष्मी प्राप्ति |
| ### 💰 सहयोग राशि (दक्षिणा) विवरण: | ||
| * सामूहिक हवन में भाग लेने हेतु: ₹601 / ₹1100 / ₹2100 | ||
| * विशेष व्यक्तिगत (Individual) संकल्प/हवन: ₹3100/- | ||
| ### 📞 बुकिंग एवं भुगतान: | ||
| स्थान सुनिश्चित करने एवं अनुष्ठान में अपना नाम सम्मिलित करवाने हेतु आज ही संपर्क करें। | ||
| * संपर्क सूत्र: 9560160184 | ||
| * भुगतान का तरीका: आप किसी भी UPI पेमेंट ऐप (Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) का उपयोग करके दिए गए UPI QR Code को स्कैन करके अपनी सहयोग राशि जमा कर सकते हैं। | ||
| 🙏 ।। सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके ।। 🙏 | ||
| ।। शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते ।। |