तंत्र बाधा नाशक मंत्र
ॐ नमो आदेश गुरु को वज्र का कोठा, वज्र का ताला, वज्ज्र से बाँधू दसो द्वारा, यहाँ वज्र का लगा किवाड़ा, वज्र की चौखट, वज्र की कील, जहां से आया, तहां ही जावे, जिसने भेजा, उसको खाए, अपना मुख फिर न दिखाए, हाथ को, नाक को, सिर को, पीठ को, कमर को, छाती को, मेरे इस काया पिंड को यदि कष्ट पहुंचाये तो गुरु गोरखनाथ के धुनें में जले, मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा
tantra badha nashak mantra shakti prayog
इस मंत्र का उच्चारण इस प्रकार है:
🚩ओम नमो आदेश गुरु का,
वज्र वज्री वज्र किवाड़, वज्र से बांधा दशो द्वार,
जो घात घाले उलट वेद वाही को खात. 🚩
🚩इस मंत्र के बारे में कुछ और बातें:
🩸इस मंत्र में दसों द्वारों को वज्र से बांधा गया बताया गया है.
🩸इस मंत्र में कहा गया है कि जो घात घाले उलट वेद वाही को खात.
🩸इस मंत्र में कहा गया है कि रक्षा करने को नृसिंह जी आए.
इस मंत्र में कहा गया है कि शब्द साचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा.
🌡️वज्र शब्द का अर्थ है हीरा.
📍वज्र, देवताओं के राजा इंद्र का हथियार था.
🌡️वज्र, बौद्ध धर्म के वज्रयान संप्रदाय का प्रतीक है.
📍वज्र, पाँच भुजाओं वाली अनुष्ठानिक वस्तु है.
🌡️वज्र, अपार शक्ति और अदम्य ताकत का प्रतीक है.
ॐ नमो आदेश गुरु को,
बज्र बज्री बज्र किवाड़,
बज्री में बाँधा दशो द्वार ,
जो घात घाले उलट वेद वाही को खाता,
पहली चौकी गणपति की, दूजी चौकी हनुमंत जी की,
तीजी चौकी भैरो की, चौथी राम रक्षा करने को श्री नरसिंह देव जी आये,
शब्द साँचा पिण्ड काँचा फुरौ मंत्र ईशवरो
वाचा सत्य नाम आदेश गुरु को।