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Guruji paduka tantraot Sadhna Guruji paduka tantraot Sadhna
*श्री गुरुचरण कमलेभ्यो नमः*
*गुरुपादुका सिद्धि दिवस*
05-12-2021
शास्त्रों के अनुसार गुरुपादुका सिद्धी दिवस गुरु पूर्णिमा से भी प्राचीन तम एवं सिद्धि प्रदायक उत्सव है। यह सत्य युग में ही भगवान दत्तात्रेय द्वारा अपने शिष्य सहस्त्रार्जुन (कार्त्य वीर्यार्जुन) से आरंभ हुआ जब की व्यास पुर्णिमा या गुरु पुर्णिमा महोत्सव भगवान व्यास नारायणजी के अष्टादश पुराणों के बाद उनके जन्मोत्सव को व्यास पुर्णिमा या गुरु पुर्णिमा का नाम दिया गया। अस्तु
इस बार गुरुपादुका सिद्धि दिवस शिविर भण्डारा (महाराष्ट्र) के साधकों के अनुरोध पर श्री निखिल चेतना केन्द्र, भण्डारा स्थित कर्मक्षेत्र पर सम्पन्न होने जा रहा है।
जो साधक शिविर में नही आ सकते एवं अपने घर पर ही साधना संपन्न कर गुरुकृपा प्राप्त करना चाहते है उनके लिए दिव्य एवं संक्षिप्त साधना नीचे दे रहे है।
गुरुपादुका सिद्धि दिवस के दिन संध्या समय में प्रातः या सायं अपने सामने बाजोट पर सफेद वस्त्र बिछाकर गुरुयंत्र, गुरुपादुका, गुरु विग्रह, या गुरु गुटिका इन सभी को चांवल की ढेरी पर स्थापन कर अपने ज्ञान अनुसार षोडशोपचार या संक्षिप्त पूजन कर गुरु अष्टोत्तर से पुष्पार्चन बिल्व, तुलसी अर्चन संपन्न करे।
निम्न रूप से गुरु का ध्यान कर साष्टांग नमस्कार करे।
ध्यान :-
*ब्रह्म स्थान सरोज मध्य विलसत् शितांशु पीठ स्थितम्।*
*स्फुर्ज्य त्सूर्य रूचिं वराभयकरं कर्पुर कुन्दोज्ज्वलीं श्वेत स्त्रग्व वसनानुलेपनयुतं विद्युत रूचा कांतया संश्लिष्टार्द्धतनुं पुरुनं वदनं वन्दे गुरुं सादरम्।।*
पश्चात् गुरुसिद्धि माला से निम्न मन्त्र की ११, २१, ५१ माला मंत्र जपकर अपनी इच्छा व्यक्त कर मन से गुरु की कृपा की प्रार्थना करे।
मंत्र:- *ॐ क्रीं क्लीं ऐं इष्टाभ्यो सिद्धिं ऐं क्लीं क्रीं ॐ स्वाहा*
आरती संपन्न करे, प्रसाद स्वयं ले एवं साथ बैठे सभी लोगों में वितरण करे।