Join Free | Sign In | Blog
  • Mantra Tantra Yantra Vigyan
  • Mantra Tantra yantra vigyan
  • Mantra Tantra yantra Sadhana
  • Mantra Tantra Yantra Vigyan Gurudev Dr. Narayan Dutt Shrimaliji

खुश रहना क्यों जरुरी है | Why is it important to be happy

खुश रहना क्यों जरुरी है | Why is it important to be happy

हर व्यक्ति खुश रहना चाहता है, दुःखी रहना तो कोई चाहता नहीं है परंतु आज के समय में हमारी तमाम कोशिशों के बाद भी खुश रहना मुश्किल काम हो गया है।जब हम किसी बड़े बुजुर्ग के चरण स्पर्श करते हैं तो वे आशीष रुप में हमसे 'खुश रहो' कहते हैं।आप भी अपने छोटे को आशीष देते हुए 'खुश रहो' कहते हैं। 'खुश रहो' के इतने आदान प्रदान के बाद भी हर व्यक्ति खुश दिखाई नहीं दे रहा है।किसी शायर ने खुशी को इंगित करके यह बहुत अच्छी बात कही है कि खुशी के साथ हर व्यक्ति का सम्बन्ध कुछ ऐसा है- खुशी मेरी तलाश में दिन रात यूं ही भटकती रही, कभी उसे मेरा घर ना मिला कभी उसे हम घर ना मिले। आजकल हर व्यक्ति उदास है, नाखुश है, चाहे वह सफल हो, या संघर्षरत, युवा हो या वृद्ध, स्वस्थ हो या अस्वस्थ।प्रत्येक व्यक्ति के पास काश के अपने-अपने कारण हैं, जिन्हें उचित मानते हुए वह नाखुश है और अन्ततोगत्वा डिप्रेशन के भंवर में उलझ जाता है।खुशियों के प्रति बढ़ती असंवेदनशीलता को एक प्रकार से मन का ज्वर कहा गया है।जैसे तन में ज्वर आता है तो उसका निराकरण दवाई एवं विश्राम द्वारा होता है, वैसे ही मन के ज्वर में ध्यान या फोकस को अपने से हटाकर दूसरे पर ले जाने की आवश्यकता है।


Every person wants to be happy, no one wants to be sad but in today's time, even after all our efforts, it is difficult to be happy. Say 'be happy'. You also bless your little one and say 'be happy'. Even after so many exchanges of 'Be happy', every person is not looking happy. A poet has said it very well by pointing out that every person's relationship with happiness is something like - happiness in my search day. The night kept wandering like this, never found my house, never got it home. Nowadays, every person is depressed, unhappy, whether successful or struggling, young or old, healthy or unwell. Everyone has their own reasons for wishing that they are unhappy considering it appropriate and ultimately of depression. It gets entangled in the vortex. Increasing insensitivity towards happiness has been termed as a fever of the mind. Just like a fever comes in the body, it is resolved by medicine and relaxation, in the same way, meditation or focus in the fever of the mind is with itself. Need to be moved to another.


जपाकुसुम  संकाशं  काश्यपेयं महदद्युतिम्।
तमोरिंसर्वपापघ्नं  प्रणतोSस्मि  दिवाकरम् II
मंत्र:-
।।ऊँ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गोदेवस्य धीमहि धियो योनः प्रचोदयात्।

भगवान सूर्य के बारह नाम का निरन्तर स्मरण सफलतादायक:-

।। ऊँ मित्राय नमः, ऊँ रवये नमः, ऊँ सूर्याय नमः, ऊँ भानवे नमः, ऊँ खगाय नमः, ऊँ पुष्वे नमः, ऊँ हिरण्यगर्भाय नमः, ऊँ मरीचये नमः, ऊँ आदित्याय नमः, ऊँ सवित्रे नमः, ऊँ अर्काय नमः, ऊँ भास्कराय नमः।।



Guru Sadhana News Update

Blogs Update