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पाप नाश सिर्फ गुरु किरपा से संभव, paap nash karne ka sutra पाप नाश सिर्फ गुरु किरपा से संभव, paap nash karne ka sutra
पाप नाश सिर्फ गुरु किरपा से संभव
पाप ६ प्रकार से जीवन में आते है और उन को मनुस्य को ६ प्रकार से भोगता है ?
सुने सद्गुरु के वचन से और जीवन का हर समस्या का समाधान यही से प्राप्त होगा ?
जय सद्गुरु देव
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शिष्य बनाने के लिए नियम
गुरु जब मिले तो पहले उसको अपने स्तर से अपने विवेक से गुरु के सम्मान को बनाए रखते हुए 1000 बार चेक कर लो कि क्या वो तुम्हारे जैसे महान शिष्य का गुरु बनने के योग्य है अथवा नहीं। तुम् उसकी परीक्षा नहीं ले सकते और ना ही गुरु शिष्य को परीक्षा देगा क्योंकि गरज चेले की होती है। लेकिन एक बार यदि आपने गुरु बना लिया तो फिर उस पर विस्वास नहीं अंधविस्वास ही करना चाहिए। तभी गुरु प्राप्ति सार्थक होगा अन्यथा सिर्फ औपचारिकता मात्र पूरी हुआ जानो। आप साधना में न ही सफलता मिलेगा नहीं ही कोई आगे बढ़ाने का उपाय ? ऊपर से आप की बुद्धि और ख़राब हो जाएगी | गुरु निंदा और देव निंदा मनुस्य निंदा करने पर आप हमेशा के लिए नस्ट होते जायेगे आप को सफलता कभी हाथ नहीं आएगी
जय गुरुदेव